मिलिए, हिमाचल के अरबपति प्रत्याशी से जो हेलीकाप्टर से आता है अपने गांव
शिमला। हिमाचल प्रदेश के चुनावी मैदान में इस बार एक ऐसे उम्मीदवार भी हैं, जिनका सऊदी अरब में अरबों रूपये का कारोबार है। लेकिन उसे छोडक़र वह राजनिति में हाथ आजमाने के मकसद से मंडी जिला के जोगिन्दर नगर चुनाव क्षेत्र से निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर चुनाव लड़ रहे हैं। जोगिन्दर नगर के पास गोलवां गांव निवासी 52 वर्षीय प्रकाश राणा विधानसभा का चुनाव लडऩे के लिए सउदी अरब से आये हैं। 1985 में बतौर कर्मचारी सउदी अरब जाने वाले प्रकाश राणा आज वहां करोड़ों का कारोबार कर रहे हैं।

घर के बाहर एक निजी हेलीपैड
राणा का सऊदी अरब में करोड़ों का कारोबार है। वे डायमंड समेत कई कंपनियों के मालिक हैं। पार्टनरशिप में उनका ट्रांसपोर्ट, कंस्ट्रक्शन, डायमंड और इंजीनियरिंग इक्यूप्मेंट्स का कारोबार है। राणा के कारोबार में करीब 700 भारतीय अलग-अलग पदों पर काम करते हैं । इतना ही नहीं, उन्होंने अपने इलाके के 80 लोगों को सऊदी अरब में काम दिया हैं। जोगिन्दर नगर के गोलवां में उन्होंने एक आलीशान मकान बना रखा है। यही नहीं घर के बाहर एक निजी हेलीपैड भी बनवा रखा है। जब 1985 में वह सऊदी अरब काम के सिलसिले में गए तो उनके माता पिता गांव में अकेले रह रहे थे।

टिकट का इंतजार किये बिना चुनावी रण में कूदे
इसलिए उनके बीमार होने या किसी भी इमरजेंसी के लिए उन्होंने अपने घर के सामने हेलीपैड बनवा लिया। दिल्ली से अक्सर अपने गांव लड़भड़ोल में हेलिकॉप्टर से ही आते हैं। राणा का चुनाव लडऩे का इस बार मूड हुआ तो इस बार किसी पार्टी के टिकट का इंतजार किये बिना चुनावी रण में कूद गए। वह अपने इलाके के लोगों की समय-समय पर मदद करते रहते हैं, इसलिए चुनावी मैदान में उतरने का हौंसला मिला।

प्रकाश राणा इलाके के नामी गिरामी लोगों में गिने जाते
वह जोगिन्दर नगर विधानसभा क्षेत्र के पिछड़ेपन की दुहाई देकर चुनाव लड़ रहे हैं। वह मानते हैं कि जोगिन्दर नगर विधानसभा क्षेत्र काफी पिछड़ चुका है और इसी मुद्दे पर वह जनता की राय से चुनाव लड़ रहे हैं। प्रकाश राणा इलाके के नामी गिरामी लोगों में गिने जाते हैं। विदेशों में कारोबार होने के कारण इनकी इलाके में एक अलग पहचान है और उसी पहचान को यह इस बार के चुनावों में भुनाने की फिराक में हैं।

जीत गया तो फिर बतौर विधायक मिलने वाले वेतन को जनता पर ही खर्च करूंगा
वह विदेशों में जितना भी पैसा कमाते हैं उसका 7 से 10 प्रतिशत अपने इलाके के जरूरतमंदों के लिए खर्च करते हैं। इसी के आधार पर इन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वह बीते करीब 6 महीनों से इलाके में पूरी सक्रियता के साथ काम कर रहे हैं। वह बीच-बीच में सऊदी अरब भी जा रहे हैं लेकिन इलाके के लिए अधिक समय दे रहे हैं। राणा कहते हैं कि अगर जीत गया तो फिर बतौर विधायक मिलने वाले वेतन को जनता पर ही खर्च करूंगा।

ऐसी जिंदगी जीते है राणा
यही नहीं प्रकाश राणा हर घर में रोजगार और खुशहाली देखने का सपना भी जनता को दिखा रहे हैं। राणा कहते हैं कि अगर जीत गया तो फिर बतौर विधायक मिलने वाले वेतन को जनता पर ही खर्च करेंगे। अब यह चुनाव ही बताएगा कि विदेश में रहने वाले किसी देशी को जनता स्वीकारती है या फिर नकारती है।












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