हिमाचल चुनाव 2022: भाजपा ने 11 सिटिंग विधायकों का काटा टिकट, दो मंत्रियों के चुनाव क्षेत्र भी बदले
हिमाचल चुनाव 2022: भाजपा ने 11 सिटिंग विधायकों का काटा टिकट, दो मंत्रियों के चुनाव क्षेत्र भी बदले
हिमाचल प्रदेश विधानसभा चुनाव (Himachal Pradesh Assembly Elections) के लिए आज (19 अक्टूबर) को भारतीय जनता पार्टी ने 62 उम्मीदवारों की लिस्ट जारी कर दी है। बीजेपी कैंडिडेट लिस्ट में पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल का नाम शामिल नहीं है। जिसके बाद प्रदेश की राजनीति से शांता कुमार और प्रेम कुमार धूमल का युग का अंत हो गया। तो वहीं, बीजेपी ने कई सीटों पर बदलाव करते हुए युवा चेहरों पर दांव खेला है। बता दें, हिमाचल चुनाव को लेकर बीजेपी ने जो लिस्ट जारी की है उसमें मोदी, शाह और जगत प्रकाश नड्डा का पूरा प्रभाव देखने को मिल रहा है। वहीं, बीजेपी ने वन मंत्री राकेश पठानिया का चुनाव क्षेत्र बदल दिया तो नालागढ़ में कांग्रेस के विधायकों को टिकट दिया है। वहीं, दो निर्दलीय विधायकों में से एक को जोगिन्दर नगर से टिकट देकर केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर को जोर का झटका धीरे से दिया है।
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हिमाचल प्रदेश में भाजपा ने 11 सिटिंग विधायकों का टिकट काटा है तो दो मंत्रियों के चुनाव क्षेत्र भी बदले हैं। एक मंत्री का टिकट काट कर उनके बेटे को दिया तो वहीं, इस बार पांच महिलाओं को भी मौका दिया है। पार्टी ने अनुसूचित जाति के 11 और अनुसूचित जनजाति के आठ प्रत्याशी मैदान में उतारे हैं। बीती देर रात तक दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक नामों पर अंतिम मुहर लगा दी गई और आज सुबह जब लोग उठे, तो पार्टी ने अपनी लिस्ट जारी कर दी। लेकिन छह चुनाव क्षेत्रों के नामों को होल्ड पर रखा गया है। पार्टी में पिछले दिनों से जिस तरीके से कांग्रेस छोड भाजपा में आने वाले विधायकों को लेकर घमासान मच रहा था और दो निर्दलीय विधायकों को टिकट देने का विरोध हो रहा था। उसकी अनसुनी करते हुए पार्टी ने कांगड़ा से पवन काजल को टिकट दे दिया है।
बता दें, कांग्रेस विधायक व कार्यकारी अध्यक्ष रहे पवन काजल बीते माह ही कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए थे। उनका स्थानीय स्तर पर व्यापक विरोध हो रहा था। पार्टी नेता कुलभाष चौधरी की अगुवाई में पूरा मंडल ही बागी हो गया था। लेकिन इसका असर बीजेपी के अंदर दिखाई नहीं दिया और सीएम जयराम ठाकुर के इस फैसले पर पार्टी ने मुहर लगाते हुए पवन काजल को टिकट देकर सभी को चौंका दिया है। बताया जा रहा है कि चुनावों में भाजपा काजल को ओबीसी चेहरे के तौर पर इस्तेमाल करना चाह रही है। वहीं, कांगड़ा जिला की नुरपूर सीट पर वन मंत्री राकेश पठानिया के खिलाफ चल रहे विरोध को शांत करते हुए पार्टी ने उनकी जगह रणवीर सिंह निक्का को टिकट देकर राकेश पठानिया का चुनाव क्षेत्र बदल दिया है।
बीजेपी ने राकेश पठानिया को फतेहपुर सीट से चुनावी मैदान में उतारा है। डिलिमिटेशन के बाद नुरपूर चुनाव क्षे़त्र की करीब डेढ दर्जन पंचायतें फतेहपुर में शामिल हुई हैं। इस लिहाज से उन्हें नुरपूर भेजा गया है। ज्वाली में मौजूदा विधायक अर्जुन सिंह का टिकट काटते हुए संजय गुलेरिया को मैदान में उतारा गया है। वहीं दूसरे मंत्री सुरेश भारद्वाज का चुनाव क्षेत्र भी बदल दिया है। चंबा जिला में भरमौर के मौजूदा विधायक जिया लाल का टिकट काटते हुए जाने माने चिकित्सक डा. जनक राज को टिकट दिया गया है। तो दूसरी चंबा सदर से भी विधायक पवन नैयर का टिकट काटते हुए नये चेहरे के तौर पर इंदिरा कपूर को महिला कोटे से मैदान में उतारा गया है। इंदिरा कपूर के टिकट के मामले में हाल ही में भाजपा में शामिल हुए कांग्रेस पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष हर्ष महाजन की चली है।
इसी तरह बिलासपुर सदर से न तो जेपी नड्डा के बेटे को टिकट मिला, न ही पूर्व सांसद और कांग्रेस से लौटे सुरेश चंदेल को मौका मिला है। यहां पर सीएम जयराम ठाकुर के खास भरोसेमंद पार्टी महासचिव त्रिलोक जमवाल को टिकट देकर पार्टी ने चौंका दिया है। कांगड़ा के धर्मशाला में विशाल नैहरिया का टिकट काटते हुए राकेश चौधरी को मौका मिला है। सोलन जिला के अर्की में गोविंद राम शर्मा अपनी टिकट बचाने में सफल रहे हैं। वहीं, नालागढ़ में कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए लखविंदर राणा को भी टिकट मिल गया है। ठियोग और शिमला सदर और ग्रामीण सीटों पर नए चेहरे उतारे गये हैं। पालमपुर में भी त्रिलोक कपूर के तौर पर नया चेहरा दिया गया है। जबकि, जुब्बल कोटखाई में उपचुनावों में की गलती को सुधारते हुए पार्टी ने नरेंदर बरागटा को टिकट दे दिया है। बरागटा ने उपचुनावों में भाजपा प्रत्याशी को बुरी तरह हराया था। लेकिन उनकी भाजपा में हाल में वापसी हुई है।












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