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बाबा राम रहीम के चक्कर में पांच हजार बस-ट्रक ठप, 30 हजार कर्मचारियों को दी गई छुट्टी

30 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की रिहायश पंचकूला, चंडीगढ़, जीरकपुर, पिंजौर में है। उन्हें कंपनियों की बसों में ही लाया और ले जाया जाता है। बस संचालकों ने सुरक्षा कारणों के चलते बसें न चलाने की बात कही।

शिमला। डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम पर आज आने वाले फैसले के मद्देनजर हरियाणा, पंजाब के साथ-साथ हिमाचल में भी तनाव देखा जा रहा है। प्रदेश के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी बरोटीवला में जहां कई औद्योगिक इकाइयों में बंद जैसे हालात हैं तो करीब पांच हजार ट्रकों के पहिए भी थम गए हैं। बीती रात से ही यहां खलबली का महौल है।

 Gurmeet Ram Rahim case: 5,000 bus-truck stop, 30,000 employees leave for today

तनावपूर्ण महौल के चलते जहां हजारों उद्योगों का कामकाज प्रभावित हुआ है, कर्मचारियों को पहले ही छुट्टी दे दी गई है। जिससे उत्पादन लगभग ठप होकर रह गया है। वहीं करीब पांच हजार से ज्यादा ट्रकों के पहिए भी पनपे महौल के बाद थम गए हैं। दरअसल उद्योगों से न तैयार माल बाहर जा पा रहा है, ना हीं कच्चा माल बाहर से आ पा रहा है। गुरुवार से ही बीबीएन, परवाणू से हरियाणा होकर आने-जाने वाले वाहनों विशेषकर ट्रकों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है।

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    वहीं पंचकूला में बिगड़े हालातों, इंटरनेट सेवा बंद होने और कर्फ्यू की स्थिति को देखते हुए पंचकूला व चंडीगढ़ से बीबीएन आने-जाने वाले उद्यमियों ने वापस न जाने में ही भलाई समझी और यहां होटलों में डेरा जमा लिया है। बताया जा रहा है कि यहां करीब ढ़ाई हजार ट्रकों को बद्दी में रोकना पड़ा है। साथ ही करीब नालागढ़ यूनियन के तीन हजार के करीब ट्रक अंबाला, दिल्ली और राजस्थान रूट पर रुके हैं। नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन ने भी ट्रक ऑपरेटरों से हालात सामान्य होने तक ट्रकों को न चलाने की अपील की है।

    दरअसल गुरमीत राम रहीम के रेप केस पर पंचकूला कोर्ट को फैसला सुनाना है, ऐसे में आशंका है कि राम रहीम के अनुयायियों का मूवमेंट यहां बढ़ सकता है। हालांकि इसके चलते दो राज्यों, हरियाणा-पंजाब, को बाकायदा छावनी में तबदील कर दिया है, लेकिन इसके बावजूद पंचकूला में डेरा समर्थकों का जमावड़ा लग चुका है। वहीं हरियाणा की सीमा से सटे औद्योगिक क्षेत्र बीबीएन व परवाणू को भी हिला कर रख दिया है। एक अनुमान के मुताबिक उद्योगों को इस वजह से करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ेगा। इसके अलावा बड़ी समस्या कर्मचारियों के उद्योगों में पहुंचने की है। बता दें कि बीबीएन के उद्योगों में कार्यरत करीब 30 हजार से ज्यादा कर्मचारियों की रिहायश पंचकूला, चंडीगढ़, जीरकपुर व पिंजौर में है और उन्हें कंपनियों की बसों में ही लाया और ले जाया जाता है। बस संचालकों ने सुरक्षा कारणों के चलते बसें न चलाने की बात कही है।

    इसके चलते बद्दी-बरोटीवाला व नालागढ़ के कई उद्योगों ने पंचकूला, चंड़ीगढ़, जीरकपुर, पिंजौर व कालका से आने वाले कर्मचारियों को शुक्रवार की छुट्टी देनी पड़ी है। बद्दी की एक दवा कंपनी के एचआर हैड अजय ने बताया कि उन्होंने उद्योग के कर्मचारियों को शुक्रवार को छुट्दी दे दी है। उन्हें अपने घरों में ही रहने को कहा गया है। उधर नालागढ़ ट्रक ऑपरेटर यूनियन के प्रधान विद्या रतन ने बताया कि पंचकूला में उपजी स्थिति के चलते यूनियन के करीब पांच हजार ट्रकों की अवाजाही रुक गई है।

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