राष्ट्रपति कोविंद के खिलाफ फेसबुक पोस्ट लिखना पड़ा महंगा, हिरासत में दलित नेता
शिमला। हिमाचल प्रदेश के जाने माने आरटीआई एक्टिविस्ट दलित नेता कर्म चंद भाटिया को राष्ट्रपति राम नाथ गोविंद के खिलाफ सोशल मिडिया में टिप्पणी करना इस कदर मंहगा पड़ा कि उन्हें हवालात की सैर करनी पड़ी। भाटिया से पुलिस पूछताछ कर रही है।

प्रदेश में अपनी तरह का यह पहला मामला सामने आया है। दरअसल आरटीआई कार्यकर्ता गुरू राम दास सभा शिमला के अध्यक्ष कर्म चंद भाटिया ने पिछले दिनों अपने फेसबुक पेज पर प्रदेश के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर व महिलाओं पर अभद्र टिपणी के बाद भारत के राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के खिलाफ भी अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुये पोस्ट अपने पेज पर डाली। उसके बाद राज्य शिवसेना के प्रवक्ता बृज लाल ने इसकी शिकायत पुलिस को की।
शिमला पुलिस ने शिवसेना के प्रवक्ता बृजलाल की शिकायत के आधार पर सदर पुलिस स्टेशन में कर्मचंद भाटिया के खिलाफ प्राथमिकी दायर की है। भाटिया पर आरोप है कि उसने देश के राष्ट्रपति के खिलाफ आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया है। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल फोन कब्जे में लेकर छानबीन शुरू कर दी है। हलांकि आरोपी के फेसबुक अकाउंट से आपत्तिजनक पोस्ट को हटा लिया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक यह पोस्ट 23 मार्च को डाला गया था।

भाटिया के खिलाफ रविवार को सदर थाना में एफआईआर के बाद उन्हें करीब छह घंटे के बाद थाने में रखा गया। आज फिर उन्हें थाना में बुलाया गया है। जांच अभी जारी है। हलांकि आरोपी कर्मचंद भाटिया ने उन पर लगाए गए आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि उनकी फेसबुक पोस्ट में इस्तेमाल किए गए शब्दों का गलत मतलब निकाला जा रहा है जिससे उनका कोई संबंध नहीं है। करमचंद भाटिया का ताल्लुक एक दलित परिवार से है और वह दलित अधिकारों और भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करते आए हैं।
शिकायतकर्ता बृजलाल ने कर्मचंद भाटिया पर हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और महिलाओं के खिलाफ भी अभद्र टिप्पणियां करने का आरोप लगाया था जिसकी सूचना मुख्यमंत्री को 19 मार्च को दी गई थी, लेकिन पुलिस ने फिलहाल राष्ट्रपति के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में ही आरटीआई कार्यकर्ता के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।












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