'शव को दो दिन तक कुटिया में रख कर भोले बाबा करता रहा यह काम..'., पड़ोसियों ने खोले चौकाने वाले राज
Hathras Hadsa News Uttar Pradesh: उत्तर प्रदेश के हाथरस में सत्संग करने वाले भोले बाबा उर्फ साकार हरि को इन दिनों पुलिस तलाश कर रही है। यह वहीं बाबा हैं जिनके सत्संग में भगदड़ मचने के कारण 121 लोगों की मौत हुई है। बाबा फरार हैं। इनके पड़ोसियों ने इनके बारे में कई ऐसी जानकारी दी है जिसे सुन होश उड़ जाएंगे।
श्रद्धालुओं से इकठ्ठा कराता था चंदा
पड़ोसी अमित रंजन बताते हैं कि भोले बाबा अपनी आश्रम आने वाले लोगों से चंदा इकठ्ठा करता था। यह चंदा वह जरुरतमंदों को भी देता था। इससे इसकी पैठ बनती गयी।

कुटिया बंद रहती थी
पड़ोसी संदीप बताते हैं कि बाबा की कुटिया अधिकांश बंद रहती थी। कभी कभार कर्मचारी इसे सफाई के लिए खोलते थे।
दो दिन तक शव को रखा था कुटिया में
पड़ोसी साबिर बताते हैं कि भोले बाबा ने साले की बेटी को गोद लिया हुआ था। दो दशक पूर्व जब उसकी मौत हो गयी तो बाबा ने उसे जिंदा करने के लिए दो दिनों तक कुटिया में रखा था।
जयपुर हाईवे पर अभुआपुरा स्थित नारायण साकार विश्व हरि चैरिटेबल ट्रस्ट का आश्रम है। इसे बीते साल खरीदा गया है। यहां भी रोजाना अनुयायी आश्रम के गेट पर मत्था टेकने आते हैं। 2019 में किरावली के गांव नगला भरंगरपुर विधापुर में भोले बाबा का सत्संग 15 दिन तक चला था। इसमें भारी संख्या में लोग सत्संग सुनने आते थे। हाथरस के सिकंदराराऊ में हुई भगदड़ में 121 श्रद्धालुओं की मौत हुई है, जिनमें से 106 की पहचान यूपी के 17 जिलों के निवासियों के रूप में हुई है, जबकि छह देश के अलग अलग राज्यों के निवासी हैं। बाकी की पहचान के प्रयास जारी हैं।












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