सिंघु बॉर्डर पर हाथ-पैर काटकर मारे गए मजदूर की हत्या का आरोपी सरबजीत 7 दिन पुलिस रिमांड पर

सोनीपत, 16 अक्टूबर, 2021: हरियाणा-दिल्ली के सिंघु बॉर्डर पर किसान आंदोलनकारियों के मुख्य मंच के पास एक दलित मजदूर की हत्या मामले में सरेंडर करने वाले सरबजीत सिंह को पुलिस रिमांड पर लिया गया है। दरअसल, बीते रोज दलित मजदूर लखबीर सिंह की लाश किसान आंदोलनकारियों के मुख्य मंच के पास बेरिकेड्स पर ​टंगी मिली थी। बाद में निहंगों ने उसकी हत्या की जिम्मेदारी ली। उसके बाद पुलिस-प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। फिर जत्थेबंदियों की ओर से एक शख्स ने पुलिस के समक्ष सरेंडर किया। वह शख्स ही सरबजीत है।

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    Singhu Border Murder Case: 7 दिन की रिमांड पर आरोपी निहंग Sarabjit | वनइंडिया हिंदी

    पुलिस ने सरबजीत को कोर्ट में पेश किया

    पुलिस ने सरबजीत को कोर्ट में पेश किया

    पुलिस ने सरबजीत को कोर्ट में पेश किया, कोर्ट ने सरबजीत को सात दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है। अब पुलिस उससे पूछताछ करेगी, उसके बाद चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। बता दें कि, सरबजीत ने अपने किए को सही ठहराते हुए खुद को बेगुनाह बताया ​है। उसके समर्थकों का कहना है​ कि उसने बेअदबी करने वाले को सजा दी, लिहाजा सरबजीत दोषी नहीं। उधर, पुलिस ने हत्या की वारदात में उसे आरोपी बनाकर, उस पर कानूनी कार्रवाई की तैयारी की है। पुलिस बयान जारी कर अपना पक्ष रख सकती है।

    कहां की गई थी लखबीर की हत्या?

    कहां की गई थी लखबीर की हत्या?

    सिंघु बॉर्डर पर, जिस स्थान पर किसानों का धरना चल रहा है, वहां कल एक शव हाथ, पैर कटा हुआ मिला था। उस शख्स की पहचान लखबीर के तौर पर हुई।लखबीर पंजाब के तरनतारन जिले के चीमा खुर्द गांव का रहने वाला था। वह 35-36 वर्ष का एक मजदूर था और अनुसूचित जाति से था। उसे निहंगों ने मारा था। वह यहां मृतावस्था में टंगा मिला था। हत्यारों ने उसके हाथ-पैर काट दिए थे। वहीं, कुछ दूरी पर उसका कटा हुआ हाथ मिला था। कल तड़के उसकी लाश दिखने पर कोहराम मच गया। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर अस्पताल पहुंचाया। जहां उसके पोस्टमॉर्टम की तैयारियां शुरू की गईं।

    किसान संगठन भी जिम्मेदार हैं: सांपला

    किसान संगठन भी जिम्मेदार हैं: सांपला

    धरनास्थल के पास हत्या की वारदात पर राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष विजय सांपला किसानों संगठनों पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि, "किसान संगठनों के नेताओं ने पूरी घटना से किनारा कर लिया। यह सही नहीं किया। अगर वे (हत्याकांड के आरोपी) 10 महीने से उनके साथ धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं और उनके साथ रह रहे हैं, तो वे उसी जमात का हिस्सा हैं। सांपला बोले कि, लखबीर को जिस स्थान पर मारकर लटकाया गया, वह जगह किसान आंदोलनकारियों के मंच के पास है। वहां जो भी घटना होती है उसके लिए वे (किसान) ही जिम्मेदार होते हैं। उनकी भूमिका अपराधियों की तरह ही है।"

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