बिजली: दिल्ली से की 2-2 हाथ, खुद संकट झेलकर भी अब गुजरात को पावर सप्लाई कर रहा हरियाणा
चंडीगढ़। गर्मी के बीच बढ़ता बिजली संकट चिंता का विषय बना है। बिजली की आपूर्ति के मुद्दे पर पिछले महीने हरियाणा सरकार की दिल्ली सरकार से ठन गई थी और, यह मामला फिर हाईकोर्ट पहुंचने पर थमा। अब यह खबर आई है कि, हरियाणा में बिजली की कमी होने के बावजूद बिजली गुजरात को पहुंचाई जा रही है। यह दावा ऑल इंडिया पावर इंजीनियर्स फेडरेशन (AIPEF) के स्पोक्सपर्सन वीके गुप्ता ने किया है।

वीके के मुताबिक, एआईपीईएफ ने 29 अप्रैल और 24 अप्रैल को केंद्रीय ऊर्जा मंत्री आरके सिंह को पत्र लिखा कि अदाणी पावर द्वारा हरियाणा डिस्कॉम के साथ समझौते के अनुसार 1424 मेगावाट बिजली की आपूर्ति मुंद्रा महेंद्रगढ़ पारेषण लाइन से की जानी थी लेकिन पिछले 8 महीनों से हरियाणा को बिजली की कोई आपूर्ति नहीं हुई है। इसके बजाय, गुजरात को 487 मेगावाट के निर्यात के लिए इसी विद्युत-लाइन का उपयोग किया जा रहा है। उत्तरी क्षेत्रीय लोड डिस्पेच सेंटर (एनआरएलडीसी) और पश्चिमी क्षेत्रीय लोड प्रेषण केंद्र की दैनिक रिपोर्ट के अनुसार हरियाणा में 9 से 27 अप्रैल तक 1720 लाख यूनिट की कमी हो गई है।

हैरत की बात है कि, उसी अवधि में हरियाणा ने 2126 लाख यूनिट का गुजरात के लिए निर्यात किया। AIPEF के प्रवक्ता के मुताबिक, जब हरियाणा गुजरात को बिजली निर्यात कर रहा था और हरियाणा बिजली की कमी का सामना कर रहा था, तब गुजरात में बिजली की शून्य कमी थी। ऐसे में अब हरियाणा सरकार विरोधियों के निशाने पर आ गई है। सुयंक्त किसान मोर्चा के नेता सतपाल कौशिक एवं आप के नेताओं का कहना हैकि, बिजली की मांग में वृद्धि और अदाणी और टाटा द्वारा अनुबंधित बिजली की आपूर्ति नहीं करने के कारण हरियाणा गंभीर बिजली संकट से जूझ रहा है, लेकिन संकट के बावजूद भी गुजरात को बिजली निर्यात की गई है।
हरियाणा से बिजली को बाहर पहुंचाने के सवाल पर यमुनानगर मे भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने कहा कि, उन्होंने इस विषय में मुख्यमंत्री व बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव पीके दास से बात की है, और अब हरियाणा की बिजली सप्लाई में सोमवार से सुधार होना शुरू हो जाएगा।












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