OPINION: सरकारी कार्यों की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए हरियाणा सरकार की शानदार पहल
हरियाणा सरकार ने जन-कल्याण के कार्यों और नीतियों को सही दिशा में प्रेरित करने के लिए एक बहुत ही बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर की सरकार ने जनहित के काम में आगे रहने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों को प्रोत्साहित करने के लिए सुशासन पुरस्कार योजना लॉन्च की है।
'हरियाणा सुशासन पुरस्कार योजना 2023' को जिस इरादे के साथ लॉन्च किया गया है, उससे राज्य सरकार की जनहित के प्रति जिम्मेदारी और उसकी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम कतार के आखिर में बैठे व्यक्ति तक सही मायने में पहुंचाने की भावना जाहिर होती है।

असाधारण योगदान करने वाले सरकारी कर्मचारियों को सम्मान
इसकी शुरुआत करते हुए हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया है कि सुशासन पुरस्कार योजना की डिजाइन विशेष उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। इस उद्देश्य में सुशासन के लिए बेहतरीन तरीके से योगदान देने वाले कर्मचारियों-अधिकारियों की पहचान और पुरस्कृत करने का लक्ष्य है।

सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाना ही मकसद
यह कहने की बात नहीं कि जब किसी के काम की पहचान होती है, उसके अच्छे काम को सराहा जाता है, तो लोग और ज्यादा लगन और उत्साह के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाने की कोशिश करते हैं। इससे आखिरकार जनता को ही लाभ मिलना सुगम हो जाता है।
हरियाणा सरकार इस योजना की मदद से सरकार की सेवाओं और पब्लिक डिलिवरी सिस्टम में नई तरह की खोज और सरकारी कार्यों में रचनात्मकता लाना चाहती है, ताकि सरकार के कार्यों में सर्वश्रेष्ठ तरीके अपनाए जाए सकें। आखिर लक्ष्य हरियाणा में सरकारी सेवाओं की हर तरह से गुणवत्ता बढ़ाने का है।

सुशासन पुरस्कार योजना का विस्तृत है दायरा
ऐसा नहीं है कि यह पुरस्कार कुछ चुनिंदा सरकारी विभागों तक सीमित रखा गया है। सभी विभागों के ग्रुप ए,बी,सी और डी के कर्मचारी तो इसके दायरे में लाए ही गए हैं, प्रदेश के सभी तरह के बोर्ड, निगम, वैधानिक संस्थाएं, मिशन,सोसाइटी,संस्थान, यूनिवर्सिटी और पब्लिक सेक्टर अंडरटेकिंग्स को भी इसमें शामिल किया गया है।
अच्छे काम को ऊंचा सम्मान
राज्य सरकार यह अवार्ड जिला और राज्य स्तर पर देगी, जिसके लिए कर्मचारी की ओर से निजी तौर पर या टीम के रूप में या अधिकारियों की ओर से आवेदन जमा किया जा सकता है। पुरस्कार के तौर पर ट्रॉफी, प्रशंसा प्रमाण पत्र और कैश प्राइज भी मिलेगा।

भेदभाव की गुंजाइश नहीं छोड़ी
राज्य स्तर पर सुशासन पुरस्कार (फर्स्ट प्राइज) जीतने वाली टीम को मुख्यमंत्री की ओर से हस्ताक्षर किया हुआ प्रशंसा प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और 51,000 रुपए का पुरस्कार दिया जाना है।
सबसे बड़ी बात है कि कैश पुरस्कार टीम के सभी सदस्यों में बराबर वितरित किया जाएगा, चाहे वह किसी भी पद पर हो। सेकंड और थर्ड प्राइज की रकम क्रमश: 31,000 और 21,000 रुपए रखी गई है।

वहीं जिला स्तर पर बेहतरीन कार्य करने वाली टीमों को डिविजनल कमिश्नर का हस्ताक्षर किया हुआ प्रशंसा प्रमाण पत्र, ट्रॉफी और 31,000 रुपए (फर्स्ट प्राइज) , 21,000 रुपए (सेकंड प्राइज) और 11,000 रुपए (थर्ड प्राइज) का पुरस्कार मिलना है।
खट्टर सरकार ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को पेशेवर तरीके से अपनी जिम्मेदारियों गुणवत्ता के साथ निभाकर जनता की सेवा करने का बहुत बड़ा अवसर उपलब्ध कराया है, जिसका फायदा आखिरकार आम जनता को ही मिलने की संभावना है।












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