Haryana News: फसल खरीद पर बोले कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर, कहा-'किसानों को किसी तरह की दिक्कत नहीं आने देंगे'
Haryana News: हरियाणा में नई सरकार के मंत्रियों ने विभागों का बंटवारा होने के बाद कार्यभार संभाल कर कामकाज शुरू कर दिया है। नई सरकार में कृषि मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे कंवरपाल गुर्जर ने शनिवार को चंडीगढ़ में कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि किसानों के हितों के लिए हम बेहतर कार्य करेंगे।
कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि पहले भी सरकार ने किसानों के लिए अच्छे काम किया। बात चाहे मुआवजा देने की हो। पिछली सरकारों ने लगभग 10 गुना ज्यादा मुआवजा हमने दिया है। किसानों के लिए हमने कर्ज की एक मुश्त योजना चलाई है। जिसमें हमने 1100 करोड़ माफ किए हैं। इस बार भी सरकार ने जो फैसला लिया है। उसके तहत भी किसान अगर एक मुश्त योजना का लाभ उठाता है तो उसके तहत भी किसान को 1750 करोड़ रुपए माफ होगा। मैं समझता हूं कि उसका बड़ा लाभ किसानों को होगा।

उन्होंने कहा कि जहां तक फसल खरीद की बात है तो हमारी कोशिश है कि वह सही समय से और अच्छे तरीके से हो किसानों को किसी भी तरह की कोई समस्या ना हो। उसका हम ध्यान रखेंगे। उन्होंने कहा कि 26 मार्च से सरसों की खरीद होगी और 1 अप्रैल से गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। गेहूं और सरसों की खरीद को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई है। कृषि मंत्री ने कहा कि कहीं किसी प्रकार की कोई दिक्कत नहीं आने देंगे।
मंदिरों की स्थिति को लेकर मंत्री कंवरपाल ने कहा कि हम अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। किसानों को मंडियों में किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं आने देंगे। उन्होंने कहा कि जहां-जहां फसलों का खराब हुआ था। उसकी गिरदावरी हो चुकी है। जल्द ही मुआवजा दिया जाएगा।
शिक्षा मंत्री के तौर पर अपने कार्यकाल पर बात करते हुए मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने कहा कि इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमने अच्छा काम किया है। स्मार्ट क्लासरूम हो, स्मार्ट बोर्ड हो चाहे टैब देने की बात हो या सुपर हंड्रेड की बात हो। वोकेशनल एजुकेशन में हमने सबसे अच्छा काम किया है। हमने इन क्षेत्रों में काफी अच्छा काम किया है। मेरे मन में अध्यापकों की कमी की बात हमेशा बनी रहती थी। लेकिन प्रदेश में अगले सत्र से अध्यापकों की कमी को दूर करने का प्रयास किया जाएगा।
केजरीवाल की गिरफ्तारी पर उन्होंने कहा कि किसी को भी ईडी बुलाए तो जाना चाहिए। केजरीवाल कोई देश के पहले व्यक्ति नहीं थे। जिन्हें ईडी ने समन दिया हो। इससे पहले कई बार सीएम, केंद्र के मंत्री, राज्यों के मंत्रियों को भी ईडी ने बुलाया है। वह ईडी की जांच में शामिल हुए। वहीं केजरीवाल को कोर्ट ने भी कहा था कि उनको भी जांच में शामिल होना चाहिए था। उसके बाद अब उनकी गिरफ्तारी हुई है। वास्तविकता में वह चाहते थे कि उनको गिरफ्तार करें और वह उसका लाभ ले सके। इसलिए वह यह सब कर रहे हैं।
कृषि मंत्री कंवरपाल गुर्जर ने आगे कहा कि मैं मानता हूं कि जो खुद इतने बड़े पद पर बैठा हो। उसको कानून का सम्मान करना चाहिए। वह किस मुंह से लोगों को कहेंगे कि आपका कानून का सम्मान करो। उन्होंने जो कुछ किया है मैं समझता हूं कि वह गलत था। उनके जेल से सरकार चलाने पर उन्होंने कहा कि नैतिक दृष्टि से यह बिल्कुल ठीक नहीं है। यह बिल्कुल गलत है।












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