मंत्री बोले- 'एम्फोटेरिसिन बी' की केंद्र से 550 शीशियां मिलीं, ब्लैक फंगस के हरियाणा में 400 से ज्यादा मरीज
चंडीगढ़। हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज का कहना है कि, कोविड की पाबंदियों से लोगों को अभी ज्यादा ढील नहीं दी जा सकती। विज ने आज न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा, "प्रदेश में कोविड पॉजिटिविटी रेट अभी 9% के पास है। जब तक यह 5% से नीचे नहीं आ जाती तब तक ज्यादा ढ़ील नहीं दी जा सकती।"

स्वास्थ्य मंत्री ने हरियाणा में ब्लैक फंगस यानी कि "म्यूकोरमाइकोसिस" के उपचार में इस्तेमाल की जाने वाली दवा "एम्फोटेरिसिन बी" की उपलब्धता पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि, हमें केंद्र सरकार से एक दिन पहले (एम्फोटेरिसिन बी की) 550 शीशियां मिलीं। इससे पहले, 600 शीशियां राज्य सरकार ने ही खरीदीं। आज हमें और इंजेक्शन मिलेंगे।
दो दिन पहले स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि, केंद्र से हमने 12,000 शीशियां मांगी हैं। उन्होंने कहा कि, हाल ही हमने बैठक में तय किया था कि, हम दवा का सीधा आयात भी करेंगे। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ब्लैक फंगस के लिए विदेशों से दवा इंपोर्ट करेगी। साथ ही केंद्र सरकार से भी दवा मांगी गई है।"
स्वास्थ्य मंत्री से पहले मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी ब्लैक फंगस के बारे में कई बातें कही थीं। मुख्यमंत्री ने आज सुबह कहा, "हमारे यहां 2 दिन पहले ब्लैक फंगस के 400 मरीज थे। अस्पतालों से नए नए मरीजों की जानकारी सामने आती है। इस तरह की बीमारी के इंजेक्शन की मांग भी बढ़ रही है। मगर इसके इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। मुश्किल से 1200-1400 इंजेक्शन मिले हैं।"
ब्लैक फंगस यानी कि "म्यूकोरमाइकोसिस" बीमारी कोरोनावायरस के संक्रमण से जूझने वाले लोगों को ही हो रही है। डॉक्टरों का कहना है कि, इस तरह के रोग के जहां जल्दी पता लगने से ठीक होने की संभावना बढ़ जाती है, वहीं कुछ मामलों में इलाज के लिए बहुत कम वक्त बचता है या किसी मामले में कोई मौका भी नहीं मिलता।












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