राम रहीम को क्यों किया जेल से बाहर? सरकार ने दिया जवाब, अब कल हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
रोहतक। डेरा सच्चा-सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम को उम्रकैद की सजा हुई थी, लेकिन अब वह जेल से बाहर रह रहा है, क्योंकि सरकार ने उसे अस्थाई तौर पर रिहा कर दिया। फिलहाल वो 21 दिनों के लिए, फरलो पर अपने फ्लैट में रह रहा है। वहीं, उसके फरलो के अनुरोध को स्वीकार करने के सरकार के फैसले पर लगातार सवाल उठ रहे हैं। इसे लेकर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, जहां राज्य सरकार की तरफ से जवाब दिया गया है।

जेल से बाहर रह रहा राम रहीम
हाईकोर्ट में फरलो के खिलाफ दायर याचिका पर जवाब देते हुए सरकार ने कहा है कि, राम रहीम को फरलो जेल में अच्छे बर्ताव के आधार पर दी। हरियाणा सरकार ने राम रहीम को हार्डकोर क्रिमिनल भी नहीं माना। सरकार की तरह से कहा गया कि, राम रहीम को हार्डकोर क्रिमिनल न होने के कारण फरलो दी गई है। वहीं, याचिकाकर्ताओं ने कहा कि डेरा प्रमुख हार्डकोर क्रिमिनल की श्रेणी में है। इसलिए फरलो नहीं दी जा सकती। हरियाणा के एडवोकेट जनरल बलदेव राज महाजन ने कहा कि राम रहीम ने फरलो के लिए आवेदन किया था।

हरियाणा सरकार ने दिया ये जवाब
सरकार द्वारा दिए गए जवाब में कहा गया कि, रोहतक मंडल के आयुक्त ने पुलिस से रिपोर्ट मांगी थी। गुड कंडक्ट प्रिजनर्स अधिनियम के तहत कैदी के अच्छे व्यवहार के आधार पर 21 दिन की फरलो दी गई है।' इस मामले में अब अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी। बता दें कि, राम रहीम कई गंभीर मामलों में दोषी ठहराया गया था और उसे अलग-अलग ही सजा भी हुई। वह बलात्कार एवं हत्या की वारदातों में गुनहगार साबित हुआ था। हरियाणा सरकार से उसे फरलो मिलने पर बहुत से लोग और सियासी दलों के नेता सवाल उठा रहे हैं।

उठ रहे हैं फरलो पर सवाल
कुछ नेताओं का कहना है कि, उसे राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई। क्योंकि, राम रहीम के समर्थकों की संख्या आज भी लाखों में हैं। उसका संगठन डेरा सच्चा-सौदा दावा करता है कि, उनके 40 लाख से ज्यादा अनुयायी हैं। वहीं, राम रहीम को राहत दिए जाने पर, पंजाब के समाना से निर्दलीय प्रत्याशी परमजीत सिंह सोहाली हरियाणा सरकार के खिलाफ हाईकोर्ट चले गए। जहां उन्होंने याचिका दायर कर कहा कि पंजाब चुनाव से ठीक पहले राम रहीम को राजनीतिक लाभ लेने के लिए फरलो दी गई है। उन्होंने कहा है कि, संगीन केसों में दोषी होने पर गुड कंडक्ट प्रिजनर्स अधिनियम में उसे फरलो का अधिकार नहीं है।

विज बोले- हमें फरलो देने के मामले की जानकारी नहीं
वहीं, हरियाणा के गृह एवं स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने राम रहीम को फरलो देने और जेड सिक्योरटी को लेकर पूछे गए सवाल पर कहा कि, उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। वहीं, सीएम खट्टर ने राम रहीम को जेड प्लस सिक्योरटी देने के फैसले पर कहा कि, हमारी ओर से किसी को ऐसी सिक्योरटी खतरे का आकलन कर दी जाती है। वैसे भी किसी भी कैदी या बाहरी व्यक्ति को सिक्योरटी प्रदान करना सरकार का दायित्व है। राम रहीम फरलो पर बाहर है, खुफिया एजेंसियों के इनपुट के आधार पर ही उसे सिक्योरटी दी गई है।'












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