Gwalior News: ठंड बढ़ी तो चिड़ियाघर के पशु पक्षियों को बचाने जलाए हीटर और अलाव, आहार व्यवस्था भी बदली
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
Gwalior News: ग्वालियर चंबलांचल में भीषण ठंड का कर देखने को मिल रहा है ठंड के कारण जहां आम जनजीवन अस्त-व्यस्त है तो पशु पक्षियों पर भी ठंड की मार देखने को मिल रही है, ऐसे में ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में रहने वाले पशु पक्षियों और वन प्राणियों को ठंड की मार से बचाने विशेष इंतजाम किए गए हैं।
उद्यान में बड़े जानवरों को ठंड से बचाने रूम हीटर लगाए गए हैं तो वही पक्षियों और छोटे जानवरों के बाड़े में अलाव की व्यवस्था की गई है इसके साथ ही उनके भोजन में भी बदलाव किया गया है और गर्म भोज्य पदार्थ दिए जा रहे हैं।

प्रदेशभर में इन दिनों कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में ग्वालियर सहित पूरे चंबल अंचल में बारिश होने से चारों तरफ कोल्ड डे जैसा आलम छाया हुआ है। इसी को ध्यान में रखते हुए ग्वालियर के चिड़ियाघर में कई प्रकार के बदलाव किए गए हैं। इन बदलावों में जानवरों को लेकर उनकी स्वास्थ्य संबंधित सुरक्षा की संपूर्ण व्यवस्था की गई है।
गर्म तासीर वाला भोजन मेंन्यु में किया शामिल
गांधी प्राणी उद्यान के पशु पक्षी और वन्य प्राणी इसके लिए उनके खाने के लिए गर्म तासीर का भोजन जैसे बंदरों को भुंजे हुए चने, पक्षियों को स्पॉट्स तो वही विशेष प्रकार के गर्म तासीर वाले भोजन दिए जा रहे हैं। इतना ही नहीं जानवरों के पिंजरे के बाहर सर्दीली हवाओं से उन्हें बचाने के लिए गर्म पर्दे लगाए गए हैं। पक्षियों की पिंजरे में भी विशेष प्रकार के पर्दे लगाए गए हैं। ताकि उन्हें ठंड का एहसास ना हो। वही बड़े जानवरों के बाडों में हीटर आदि लगाए गए हैं। ताकि माहौल को गर्म रखा जा सके एवं सांप आदि के पिंजरे में प्यार की व्यवस्था की गई है। और सूखी घास भी लगाई गई है जो उन्हें गर्म रख सके।
पूरे अंचल का इकलौता चिड़ियाघर है ग्वालियर में
आपको बता दें कि ग्वालियर में आसपास के सभी संभागों को मिलाकर इकलौता चिड़ियाघर यहां मौजूद है सिंधिया राजवंश द्वारा इस चिड़ियाघर की स्थापना की गई थी और वर्तमान में ग्वालियर नगर निगम द्वारा इसका संचालन किया जाता है. ग्वालियर के गांधी प्राणी उद्यान में शेर, बाघ, चीता, व्हाइट टाइगर, सहित अलग-अलग तरह के जानवर पशु और पक्षी मौजूद हैं।












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