दिल्ली दरबार में बन रही है ग्वालियर नगर निगम के सभापति बनाने की रणनीति
ग्वालियर नगर निगम में होने वाले सभापति चुनाव को लेकर दिल्ली में ज्योतिरादित्य सिंधिया के संरक्षण में हो रही है रणनीति तैयार
ग्वालियर, 4 अगस्त। ग्वालियर के नगर निगम के सभापति के चुनाव को लेकर दिल्ली के दरबार में रणनीति तैयार की जा रही है। ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री समेत मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री और ग्वालियर के सांसद की मौजूदगी में सिंधिया की देखरेख में यह रणनीति तैयार की जा रही हैं। बीजेपी के पार्षद भी सिंधिया के दरबार में इस रणनीति का हिस्सा बने हुए हैं।

सिंधिया के पास पहुंच गए हैं बीजेपी के सभी पार्षद
ग्वालियर नगर निगम के सभापति का चुनाव 5 अगस्त को होना है। इसके लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल अपनी अपनी ताकत लगा रहे हैं। बीजेपी के सभी 34 पार्षदों को सिंधिया के सामने दिल्ली दरबार में पहुंचा दिया गया है। यहीं बैठकर सभापति बनाने के लिए रणनीति तैयार की जा रही है। खुद ग्वालियर जिले के प्रभारी मंत्री तुलसी सिलावट समेत मध्य प्रदेश सरकार के ऊर्जा मंत्री प्रद्युमन सिंह तोमर और ग्वालियर के सांसद विवेक नारायण शेजवलकर इस रणनीति को बैठकर तैयार कर रहे हैं। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में यह रणनीति तैयार हो रही है।

तीन निर्दलीय पार्षदों को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं ऊर्जा मंत्री
बीजेपी पूरा मन बना चुकी है कि ग्वालियर नगर निगम में वे अपना सभापति बना कर ही रहेंगे। इसके लिए जोड़-तोड़ की राजनीति भी जारी है। सूत्रों के अनुसार ऊर्जा मंत्री प्रदुमन सिंह तोमर भी तीन निर्दलीय पार्षदों को लेकर दिल्ली पहुंचे हैं और यह निर्दलीय पार्षद भी अब बीजेपी के खेमे में शामिल हो गए हैं।

केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रखे हुए हैं पैनी नजर
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सभी बीजेपी पार्षदों को तो दिल्ली बुलवा लिया है और सभापति बनाने के लिए रणनीति भी तैयार कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही साथ में ग्वालियर के घटनाक्रम पर भी पैनी नजर रखे हुए हैं। कांग्रेस द्वारा क्या राजनीतिक उठापटक की जा रही है इस बात की पल-पल की अपडेट ज्योतिरादित्य सिंधिया के पास तक पहुंच रही है।

ग्वालियर नगर निगम में है कुल 66 वार्ड
ग्वालियर नगर निगम में कुल 66 वार्ड हैं इसलिए 66 पार्षद चुनाव जीत कर आए हैं। ऐसे में 34 पार्षद बीजेपी के हैं जबकि 25 पार्षद कांग्रेस के हैं। तीन निर्दलीय पार्षदों को भी बीजेपी अपने खेमे में कर चुकी है। इस तरह बीजेपी का आंकड़ा 37 तक पहुंच गया है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि उनके पास भी चार निर्दलीय पार्षद और एक बीएसपी का पार्षद आ चुका है। अब दोनों ही दल पूरी कोशिश में है कि उनकी दल का सभापति नगर निगम ग्वालियर में चुनकर आए।












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