डॉक्टर के गहने चुराना ड्राइवर को पड़ा महंगा, पुलिस ने दिखाए ऐसे दिन कि अब माफी मांगने पहुंच गया थाने
Gwalior Samachar: ग्वालियर पुलिस ने एक बार फिर नया कारनामा कर दिखाया है।पुलिस के डंडे से नहीं साइकोलॉजिकल फ़ंडे से अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ समीर गुप्ता का विदेशी मुद्रा, पासपोर्ट व नगदी से भरा बैग वापस मिल गया। पर्स में पासपोर्ट विदेशी करेंसी नगदी सहित जरूरी दस्तावेज रखे हुए थे।
ग्वालियर पुलिस के एसडीओपी संतोष पटेल की सक्रियता व सागर पुलिस के डीएसपी केतन अडलक़ के सामूहिक प्रयास से बिना डंडा चलाए डॉक्टर को जहां उनका खोया हुआ बैग मिला है।वही बिना सजा के केवल समझाइश से ही ड्राइवर को भी सबक मिला।

दरअसल डॉ समीर गुप्ता जो कि आस्थिरोग विशेषज्ञ हैं। उन्होंने बताया कि उनके घर पर सागर से उनकी बहन 2 फरवरी की रात को ग्वालियर आई थी। उनके साथ फॉर्च्युनर गाड़ी का ड्राइवर आया था। डॉ गुप्ता अपने साथ एक बैग में विदेशी करेंसी यूरो, डॉलर पौंड व पासपोर्ट रखे हुए थे, साथ ही कुछ नगदी रखी थी 6 फरवरी को बैंक में जमा करने के उद्देश्य से डॉ ने विदेशी मुद्रा व नगदी को बैग में रखकर गाड़ी में रख दिया था।
डॉक्टर ने आगे बताया कि दो दिन बाद जब बैग घर में खोजा गया तो बैग नहीं मिला संदेह होने पर ड्राइवर से पूछताछ की तो उसने कोई भी जानकारी होने से मना किया। सभी स्थानों के सीसीटीवी देखे गये तो बैग का गाड़ी में ही छूट जाना पता चला उसके बाद डॉक्टर द्वारा एसडीओपी बेहट को ज़रिए टेलीफोन सूचित किया गया। जिसमें एसडीओपी संतोष पटेल व कंपू थाना पुलिस गुलाब सिंह द्वारा तत्परता दिखाते हुए ड्राइवर के मोबाइल नंबर की लोकेशन निकाली गई जो सागर में पाया गया।
सागर में पदस्थ डीएसपी केतन अडलक द्वारा ड्राइवर को थाने में बुलाकर पूछताछ की गई तो उसने कुछ नहीं बताया। उसके बाद पुलिस द्वारा डॉ फ़ैमिली को ड्राइवर सुपुर्द किया गया जिसमें ड्राइवर को रात का टाइम दिया गया कि सुबह तक बैग वापस कर देगा तो बच जायेगा नहीं तो जेल जाएगा।
उसके बाद आज सुबह ड्राइवर द्वारा स्वयं से डॉक्टर समीर गुप्ता का बैग वापस किया गया। पुलिस की सक्रियता के चलते बिना कोई बड़ी कानूनी कार्यवाही के जहां डॉक्टर को उनका खोया हुआ बैग मिला तो वहीं बिना डंडा चलाए एक बड़े मामले का खुलासा भी हो गया।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली, ग्वालियर/मध्य प्रदेश












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