Gwalior News: स्कूल वालों ने किसी दुकान से कॉपी-किताब खरीदने का दबाव बनाया तो प्रिंसिपल दुकानदार को होगी जेल
स्कूल संचालक / प्राचार्य, विद्यार्थी एवं उनके अभिभावकों को सूचीबध्द पुस्तकें परीक्षा परिणाम अथवा उसके पूर्व कय करने हेतु बाध्य नहीं करेंगे।

ग्वालियर कलेक्टर ने अभिभावकों और बच्चों को राहत देने वाले निर्देश जारी किए हैं। कलेक्टर अक्षय कुमार ने 10 बिंदुओं में दिशा निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जिससे स्कूलों में अभिभावकों और छात्रों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाएगा। न ही स्कूल के प्रबंधक किसी तरह का दबाव बना सकेंगे। प्राइवेट स्कूलों पर लगाम लगाने के लिए कलेक्टर अक्षय कुमार सिंह ने धारा 144 लागू कर दी है।
आदेश 1 अप्रैल से लागू किया गया है और इसे विद्यालयों की नोटिस बोर्ड पर चस्पा करने के लिए निर्देश भी दिए गए हैं। स्कूल प्रबंधक अगर कलेक्टर के निर्देश नहीं मानते हैं तो स्कूल के प्रबंधक, इंस्टॉल और बोर्ड डायरेक्टर दोषी होंगे। उनके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत ला दर्ज किया जाएगा और गिरफ्तारी की जा सकती है।

कलेक्टर ग्वालियर ने 1 वीडियो जारी कर बोले कि उन्हें पता चला है कि प्राइवेट विद्यालय के संचालक स्कूल ड्रेस और कापी किताब अन्य सामग्री आदि के लिए किसी अपनी दुकान से खरीदने के लिए बोलते थे। स्कूल परिसर में प्रचार किया जा रहा है एवं दुकानदारों को अभिभावकों के मोबाइल नंबर दिए जा रहे हैं। यह सब कुछ कमीशन की कमाई करने के लिए किया जा रहा है। स्कूल प्रबंधक एवं मैनेजमेंट को इसके बदले मोटा कमीशन मिलता है। कमीशन के कारण दुकानदार स्कूली ड्रेस और कॉपी किताब के दाम बढ़ा देते हैं।
अक्षय कुमार सिंह कलेक्टर ग्वालियर ने सीआरपीसी की धारा 144 लगाते हुए गाइडलाइन जारी की है। इसका उल्लंघन करने पर तथा किसी भी प्रकार से अभिभावकों को किसी प्राइवेट दुकान से इसको ड्रेस और कॉपी किताब खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है तो दबाव बनाने वाले लोगों, स्कूल के कर्मचारी, स्कूल के प्रिंसिपल स्कूल के संचालक, कॉपी किताब दुकान के संचालक, स्कूल ड्रेस वाले दुकानदार अथवा कमीशन एजेंट, जो भी होगा उसके खिलाफ आईपीसी की धारा 188 के तहत अपराध दर्ज किया जाएगा।
अभिभावक कलेक्टर से कर सकते हैं शिकायत: शिकायत करने के लिए अभिभावकों को पहले सबूत इकट्ठा करने होंगे। यदि स्कूल के तरफ से फोन करता है तो उसकी रिकॉर्डिंग करें। यदि कोई स्कूल में प्रिंसिपल अथवा विजिटिंग कार्ड देता है तो उसका वीडियो बना लें। यदि स्कूल की तरफ से किसी दुकान का नाम बताया जाता है तो उसकी वीडियो रिकॉर्डिंग कर लें। कोई अप्रत्यक्ष रूप से जानकारी दें रहा है तब भी उसका वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड करें। सारे सबूत के साथ आईपीसी की धारा 188 के तहत कार्रवाई करने के लिए कलेक्टर से शिकायत करें।












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