Gwalior News: भारत और बांग्लादेश के बीच T-20 मैच को लेकर हिंदू महासभा की धमकी, BCCI को लिखी चिट्ठी
T-20 match between India and Bangladesh: ग्वालियर में 6 अक्टूबर को भारत और बांग्लादेश के बीच होने वाले T20 क्रिकेट मैच को लेकर हिंदू महासभा ने विरोध का मोर्चा खोल दिया है। हिंदू महासभा ने बीसीसीआई सचिव जय शाह को पत्र लिखकर इस मैच को रद्द करने की मांग की है। उनका तर्क है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ यह विरोध किया जा रहा है।
प्रमुख मांग और अल्टीमेटम
हिंदू महासभा ने 18 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी एक पत्र लिखा था, जिसमें उन्होंने बांग्लादेश और भारत के बीच मैच को रोकने की अपील की थी। हिंदू महासभा ने बीसीसीआई को 15 दिन का अल्टीमेटम दिया है। अगर 30 अगस्त तक इस मैच को रद्द नहीं किया गया, तो हिंदू महासभा देशभर के हिंदू नेताओं को इकट्ठा कर ग्वालियर में बड़ा प्रदर्शन करेगी।

सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा की चिंता
हिंदू महासभा का कहना है कि ग्वालियर स्टेडियम के आसपास की घनी मुस्लिम आबादी के कारण सामाजिक सौहार्द बिगड़ सकता है। संगठन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई दंगा होता है, तो इसके लिए बीसीसीआई और जिला प्रशासन जिम्मेदार होंगे।
महासम्मेलन की तैयारी
5 अक्टूबर को हिंदू महासभा ने पूरे देश के हिंदू संगठनों को आमंत्रित कर ग्वालियर में महासम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है। मैच से एक दिन पहले होने वाले इस महासम्मेलन पर पुलिस की नजर रहेगी। हिंदू महासभा का कहना है कि बांग्लादेश में हिंदूओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में वे बांग्लादेश को मैच नहीं खेलने देंगे।
इस मुद्दे पर हिंदू महासभा की सक्रियता और विरोध का असर मैच की तैयारी और आयोजन पर पड़ सकता है, जबकि प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों को भी इस स्थिति से निपटने के लिए सजग रहना होगा।

राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज का बयान
हिंदू महासभा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ जयवीर भारद्वाज ने कहा कि बांग्लादेश में हिंदुओं के साथ हो रहे अत्याचारों को लेकर उनका विरोध है। उन्होंने आरोप लगाया कि बांग्लादेश में हिंदू मंदिरों को तोड़ा जा रहा है, हिंदुओं के साथ बदसलूकी की जा रही है और महिलाओं के साथ अभद्रता की जा रही है। ऐसे में, बांग्लादेशी टीम के साथ मैच खेलना उनके विरोध का मुख्य कारण है।
पुलिस और प्रशासन की निगरानी
हिंदू महासभा की धमकी के बाद पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट मोड पर हैं। कुछ साल पहले हिंदू महासभा ने नाथूराम गोडसे का मंदिर बनाने का ऐलान किया था, जिसे लेकर प्रशासन ने कड़ी निगरानी रखी थी। बावजूद इसके, हिंदू महासभा ने अपने भवन में गोडसे का मंदिर बनाकर मूर्ति की स्थापना की थी, जिसके बाद देशभर में राजनीतिक विवाद हुआ। तत्पश्चात, पुलिस ने तत्काल मंदिर को हटवा दिया था।
अब, हिंदू महासभा द्वारा दिए गए अल्टीमेटम और महासम्मेलन की योजना के मद्देनजर पुलिस अधिकारी उनकी हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं। शंकरपुर स्टेडियम के आसपास भी पुलिस गश्त और सर्च ऑपरेशन जारी है। हालांकि, पुलिस अधिकारी इस मुद्दे पर खुलकर कुछ नहीं बोल रहे हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों से यह स्पष्ट है कि वे स्थिति को नियंत्रण में रखने के लिए सजग हैं।












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