71 लाख रुपए के गबन के आरोपी कांस्टेबल को पुलिस ने किया गिरफ्तार, जांचा जाएगा 5 साल का रिकॉर्ड
Gwalior News: मध्य प्रदेश के ग्वालियर पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एसपी की नाक के नीचे बिल क्लर्क लाखों का घोटाला करता रहा और अफसरों को गड़बड़ी का पता भी नहीं चला।
जब मामले का खुलासा हुआ तो 71 लाख रुपए की गड़बड़ी के आरोपी अरविंद भदौरिया को एसपी द्वारा निलंबित करते हुए उसे हिरासत में भी ले लिया गया।

पुलिस द्वारा आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।न्यायालय ने आरोपी को पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। आरोपी के आवेदन को स्वीकार करते हुए न्यायालय ने पूछताछ के संबंध में ऑडियो-वीडियो रिकॉर्डिंग की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
कोष एवं लेखा ने सिस्टम की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के बाद एसपी ऑफिस में 71 लाख रुपए की गड़बड़ी पकड़ी थी। इस मामले में बिल क्लर्क अरविंद सिंह भदोरिया को प्रथम दृष्टया दोषी ठहराया जा रहा है।
आयुक्त कोष एवं लेखा ने मामले की जांच संयुक्त संचालक कोष एलएन सुमन को सौंपी है। टीम में चार सदस्य रखे गए हैं इनमें उपसंचालक अर्चना त्रिपाठी, विवेक सक्सेना नरेंद्र सिंह भी शामिल किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय से पुराने बिलों की डिटेल्स मांगी गई है। कोष एवं लेखा अधिकारियों के मुताबिक पुलिस अधीक्षक कार्यालय में यह गड़बड़ी 2018 से लेकर जुलाई 2023 के बीच में की गई है।
ट्रेजरी अफसर की जांच में पाया गया है कि 77 खातों में 71 लाख रुपये का संदिग्ध भुगतान किया गया हैं। बिल क्लर्क पुलिस आरक्षक अरविंद सिंह भदौरिया ने अपनी पत्नी नीतू के एसबीआई खाते में 17 लाख रुपये ट्रांसफर किए हैं। इस गड़बड़ी की शिकायत पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से कर दी गई है और उनसे रिकॉर्ड भी तलब किया गया है। ट्रेजरी ऑफिसर अब पिछले 5 सालों में हुए भुगतान और बिलों की जांच भी करेंगे।
एसपी राजेश सिंह चंदेल का कहना है कि आरोपी को रिमांड पर ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है इसके साथ ही पिछले 5 वर्ष का रिकॉर्ड चेक किया जा रहा है मामले में जो अन्य दोषी होंगे उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
संवाद सूत्र: पंकज श्रीमाली,ग्वालियर












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