कौन हैं ये IAS जो कोरोना वैक्सीनेशन से एक भी आदमी छूटने पर अधिकारियों को फांसी पर लटका देंगे?
ग्वालियर, 17 दिसम्बर। तस्वीर आईएएस अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह की है। ये आजकल फांसी पर लटका देने वाले जिला कलेक्टर के रूप में सुर्खियों में है। वजह ये है कि इन दिनों मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में ग्वालियर जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह कोरोना टीकाकरण को लेकर अधिकारियों को फटकार लगाते नजर आ रहे हैं।

क्या कहा ग्वालियर जिला कलेक्टर ने?
बैठक में कलेक्टर IAS कौशलेंद्र बिक्रम सिंह एक अधिकारी से कह रहे हैं कि 'अरे! आज कितनी तारीख। 14 तारीख...क्यों चार दिन बीत गए। ऐसी बात थी तो आपने एसडीएम को फोन किया? एसडीएम के यहां धरना दिया? मुझे कोई मतलब नहीं। अगर एक दिन भी डिले हुआ तो मैं फांसी पर टांग दूंगा' यहीं नहीं बल्कि जिला कलेक्टर ने यहां तक कह डाला कि भले ही आदमी खेत मिले या घर में। या फिर आपको उसके पैरों में लौटना पड़े। टीकाकरण से एक भी व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए।

भितरवार तहसील में अधिकारियों की बैठक
ग्वालियर जिला कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह भितरवार तहसील में अधिकारियों की साथ बैठक ले रहे थे। बैठक के दौरान जब कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह को पता चला कि तहसील में बीते चार दिन से टीकाकरण शिविर का आयोजन नहीं किया गया तो उन्होंने अधिकारी को सख्त लहजे में चेतावनी दे डाली।
62 हजार के टीकाकरण का टारगेट
दरअसल, मध्य प्रदेश में कोरोना टीकाकरण को गंभीरता से लिया जा रहा है। शत-प्रतिशत लक्ष्य की ओर बढ़ा जा रहा है। इसी कड़ी में 16 दिसंबर को 62 हजार लोगों को वेक्सीनैट करने का टारगेट रखा गया है।
टीम सुबह 8 बजे से सेंटर और डोर-टू-डोर पहला व दूसरा डोज लगाने का भी टारगेट दिया गया। इसी अभियान को लेकर जिला कलेक्टर अधिकारियों की बैठक लेकर समीक्षा कर रहे हैं।

चार दिन में पूरा नहीं हुआ लक्ष्य
इसी दौरान कलेक्टर भितरवार की टीम पर नाराज हो गए। दरअसल यहां 153 लोगों को वैक्सीन लगनी थी, लेकिन चार दिन बीते जाने बाद भी टारगेट पूरा नहीं हुआ था। ऑनलाइन में 98 ही दिख रहा था। इस पर कलेक्टर आग बबूला हो गए।

सोशल मीडिया पर हुए ट्रोल
ग्वालियर जिला कलेक्टर का यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो वे ट्रोल होने लगे। लोगों का कहना है कि गांव-गांव जाकर काम कर रहे टीकाकरण दल में आशा कार्यकर्ता, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व निचले स्तर के कर्मचारी होते हैं। हर दिन इनको गांव वालों के आक्रोश का सामना करना पड़ता है। उनकी पीठ थपथपाने के बजाय कलेक्टर उनको फांसी पर लटकाने की बात कर रहे हैं।

कौन हैं आईएएस कौशलेंद्र विक्रम सिंह?
-कौशलेंद्र विक्रम सिंह वर्ष 2010 के मध्य प्रदेश कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। ये 9 जून 2017 से 19 जून 2018 तक मध्य प्रदेश के नीमच में भी जिला कलेक्टर रह चुके हैं।
-कौशलेंद्र विक्रम सिंह को अचलेश्वर ट्रस्ट मामले में कोर्ट ने 25 हजार के जमानती वारंट से तबल किया था।
-लहार विधायक डॉक्टर गोविंद सिंह ने ग्वालियर कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह पर आरोप लगाया कि कोरोना महामारी की दूसरी लहर में उनसे मदद के लिए 22 बार कॉल किया गया, मगर उन्होंने फोन नहीं उठाया।
-मध्य प्रदेश उपचुनाव 2020 में ग्वालियर जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी कौशलेंद्र विक्रम सिंह एक चिट्ठी भी वायरल हुई थी, जो इन्होंने मतदाताओं को प्रोत्साहित करने के लिए लिखी थी।












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