सरकारी शिक्षक का हुआ अपहरण, परिजनों को मिली 20 लाख की फिरौती की चिट्ठी
डबरा के शासकीय शिक्षक हरिशरण श्रीवास्तव का ग्वालियर में हुआ अपहरण, मोबाईल पर चिट्ठी भेजकर मांगी 20 लाख की फिरौती।
ग्वालियर, 28 मई। ग्वालियर में सरकारी शिक्षक के अपहरण का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। शिक्षक के परिजनों को मोबाइल पर हाथ से लिखी हुई चिट्ठी भेजकर ₹2000000 की फिरौती की मांग की गई है। अपह्त हुए शिक्षक के परिजनों ने ग्वालियर पहुंचकर पुलिस के आला अधिकारियों से इस मामले में मदद की गुहार लगाई है।

डबरा के रहने वाले शासकीय शिक्षक हरिशरण श्रीवास्तव शुक्रवार को ग्वालियर आए थे लेकिन देर रात तक वह घर नहीं पहुंचे। उनके मोबाइल से उनके बेटे के मोबाइल पर एक धमकी भरी चिठ्ठी पहुंची, जिसमें किसी अज्ञात व्यक्ति ने हरिशरण श्रीवास्तव के अपहरण की बात लिखते हुए ₹2000000 की फिरौती की मांग की है।

मंदिर में दर्शन करने के बाद लापता हो गया था शिक्षक
शिक्षक हरिशरण श्रीवास्तव शुक्रवार को डबरा से ग्वालियर आए थे। यहां वे पड़ाव स्थित मंशापूर्ण हनुमान मंदिर पर दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। मंदिर में दर्शन करने के बाद वे लापता हो गए और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जाना था शिक्षक हरिशरण श्रीवास्तव को
डबरा निवासी शिक्षक हरिशरण श्रीवास्तव को किसी कार्य से जिला शिक्षा अधिकारी के ऑफिस जाना था। इससे पहले पडाव स्थित हनुमान मंदिर में दर्शन करने के लिए पहुंचे थे। दर्शन करने के बाद ना तो वे जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय पहुंचे और ना ही वापस लौट कर अपने घर पहुंचे। घर वाले उनका काफी देर तक इंतजार करते रहे।
पिता के मोबाइल से बेटे के मोबाइल पर पहुंचा धमकी भरा पत्र
हरिशरण के मोबाइल से रात के वक्त उनके बेटे प्रदीप के मोबाइल पर एक धमकी भरा पत्र पहुंचा। व्हाट्सएप के माध्यम से यह पत्र पहुंचा था। इस पत्र में बताया गया कि हरिशरण का अपहरण हो गया है और बीस लाख रुपए की फिरौती का इंतजाम कर लें। चिट्ठी में झांसी रोड़ थाने के पास पहाड़ी के बगल वाली गली में आने की बात भी लिखी है।
घबराए परिजन पहुंचे ग्वालियर पुलिस के पास
जैसे ही धमकी भरा पत्र बेटे प्रदीप के मोबाइल पर पहुंचा तो पूरे घर में हड़कंप मच गया। तुरंत फोन पर लगातार परिजन हरिशरण श्रीवास्तव से संपर्क करते रहे लेकिन मोबाइल फोन बंद आता रहा। इसके बाद परिजन सीधा डबरा थाने पहुंचे जहां से उन्हें ग्वालियर के लिए भेज दिया गया। ग्वालियर आकर भी परिजन पुलिस से कार्रवाई की मांग करते रहे। काफी देर तक मामला डबरा और ग्वालियर के बीच झूलता रहा। परेशान परिजन वरिष्ठ अधिकारियों से मिले। वरिष्ठ अधिकारियों के संज्ञान में मामला आने के बाद ग्वालियर क्राइम ब्रांच को इस पूरे मामले की तफ्तीश में लगा दिया गया है।












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