सटोरियों से खातों में रिश्वत के 23 लाख रुपये ट्रांसफर कराने पर 1 सब इंस्पेक्टर सहित 3 पुलिसकर्मी बर्खास्त
सटोरियों से खातों में रिश्वत के 23 लाख रुपये ट्रांसफर कराने के मामले में एक सब इंस्पेक्टर सहित 3 पुलिसकर्मी बर्खास्त
संवाद सूत्र- पंकज श्रीमाली
Gwalior News: ग्वालियर की पॉश टाउन शिप एमके सिटी के एक फ्लैट में फिल्मी स्टाइल में छापा मारकर वहां मौजूद सटोरियों से 23 लाख रुपये की रकम लूटने के आरोपी पुलिस वालों पर कड़ी कार्यवाही की गई है।
इस मामले में आरोपी सब इंस्पेक्टर सहित तीन पुलिस कर्मचारियों को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही तीनो की गिरफ्तारी के लिए दस दस हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया है।

प्रदेश भर में चर्चित हुई यह घटना बीते वर्ष 17 सितम्बर की है जब गोला का मंदिर थाने में पदस्थ सब इंस्पेक्टर मुकुल यादव ने क्राइम ब्रांच के प्रधान आरक्षक विकास तोमर और आरक्षक राहुल यादव के साथ मिलकर अवैधानिक ढंग से सिरोल थाना क्षेत्र स्थित एक फ्लेट में छापा मारा । यहां क्रिकेट सटोरिये मौजूद थे। इन्होंने इन सटोरियों को धमकाते हुए गिरफ्तार न करने के लिए राजस्थान और गुजरात के अलग अलग बारह एकाउंट में ऑनलाइन 23 लाख रुपये घूंस के रूप में ट्रांसफर करवाये। जब तक इस घटनाक्रम का पता चला और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची तब तक यह तीनों मौके से फरार हो गए।

तीन फरार, एक को मिली जमानत
मौके पर पहुंची क्राइम ब्रांच को सटोरियों के पास से 2 करोड़ के सट्टे का हिसाब किताब मिला था। वहीं ऑनलाइन घूस का खुलासा हुआ और पकड़े गए सटोरियो ने यह भी बताया कि आरोपी पुलिस वाले उंसके उनके दो मोबाइल फोन भी छीनकर ले गए। यह मामला जब बहुत चर्चित हुआ तो एसआई मुकुल यादव,हवलदार विकास तोमर और आरक्षक राहुल यादव के अलावा भिण्ड में पदस्थ आरक्षक कमल किशोर के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज हुआ। कमल किशोर की मौजूदगी का पता सीसीटीवी फुटेज से हुआ था। पुलिस ने 23 सितम्बर को कमलकिशोर को गिरफ्तार भी कर लिया था। 7 नवम्बर को हाईकोर्ट से उसे जमानत मिल गई लेकिन बाकी तीनो अभी फरार है।

आरोपी कोर्ट पहुंचे
गिरफ्तारी से बचने के लिए तीनो आरोपियों ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका भी दायर की है। इस पर हुई सुनवाई में एएसआई रोहित भदौरिया ने कोर्ट को बताया था कि शिवम, नरेश और आनंद अहिरवार के खातों से 23 लाख रुपये ट्रांसफर किये गए। यह राशि जिन खातों में पहुँची उनके बयान हो चुके हैं लेकिन राजस्थान के जिन खातों में धनराशि ट्रांसफर हुई है उनकी जांच के लिए अनुमति मांगी गई है। इस संबंध में जांच होनी है । कोर्ट ने पुलिस से अगले सप्ताह में रिपोर्ट पेश करने को कहा है।
डीआईजी ने किया बर्खास्त
उधर इस मामले में पुलिस महकमे द्वारा शुरू की गई विभागीय जांच में आरोपी एसआई मुकुल यादव , हवलदार विकास तोमर और आरक्षक राहुल यादव को दोषी मानते हुए डीआईजी कृष्णावेणी देशावतु ने तीनों को पुलिस की सेवा से बर्खास्त करने का आदेश जारी कर दिया।












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