दुनिया की सबसे कम वजन की बच्ची का गुडगांव में सफल लिवर ट्रांसप्लांट
नाईजीरिया से आई दो महीने की बच्ची को गुडगांव में मिला नया जीवन।
गुडगांव। दो महीने की उम्र और महज 2.1 किग्रा की बच्ची का गुडगांव के मेदांता अस्पताल में सफलतापूर्वक लिवर ट्रांसप्लांट किया गया है। ये पहली बार जब इतने कम वजन के बच्चे का लिवर प्रत्यारोपण किया गया हो। डॉक्टर इसे चिकित्सा क्षेत्र की बड़ी सफलता मान रहे हैं।

नाइजीरिया की दो महीने की बच्ची डेविड अगस्त में मेंदाता अस्पताल आई थी। लीवर की कई बीमारियों से जकड़ी डेविड अपने मुल्क से बेइलाज हुई तो उसके पिता उसे मेंदांता लाए।
डॉ. नीलम मोहन के मुताबिक, जब बच्ची अस्पताल पहुंची और हमने जांच की तो पाया कि बच्ची का लीवर इतना ज्यादा खराब हो चुका था कि उसके जिंदा रहने की उम्मीद ना के बराबर थी। उसको लीवर ट्रांसप्लांट को जरिए ही बचाया जा सकता था।
डॉक्टर के मुताबिक इतने कम उम्र के बच्चे का लीवर ट्रांसप्लांट कभी पहले नहीं किया गया था, ऐसे में ये बड़ी चुनौती थी। हमने उसके पिता का लीवर ट्रांसप्लांट करना चाहा लेकिन वो पिता का लीवर बच्ची के लीवर से 43 गुणा बड़ा था, जबकि 25 गुणा लीवर ही ट्रांसप्लांट हो सकता है।
45 दिन तक वेंटिलेटर पर रही डेविड
50 डॉक्टरों ने खास तकनीक के जरिए पिता के लीवर को घटाकर बच्ची को ट्रांसप्लांट किया। ये सर्जरी 2 अगस्त को की गई। डॉक्टर भी इसको लेकर बहुत आश्वस्त नहीं थे कि ये सफल रहेगा या नहीं।
डॉक्टरों की मेहनत रंग लाई और ये प्रत्यारोपण कामयाब रहा। हालांकि डेविड 45 दिन तक खुद सांस लेने की स्थिति में भी नहीं थी और वेंटिलेटर पर थी, लेकिन धीरे-धीरे उसकी स्थिति में सुधार हुआ।
डॉक्टरों ने बताया कि अस्पताल आने के दो महीने बाद अब डेविड 3.8 किग्रा की है। अब उसका लीवर नॉर्मल तरीके से काम कर रहा है और अपनी दूसरी बीमारियों से भी वो अच्छे से मुकाबला कर रही है।












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