Tauktae Cyclone Gujarat: तूफान से पहले समुद्र तटीय इलाकों में भारी बारिश, जन-जीवन अस्त-व्यस्त
द्वारका। अरब सागर में शुरू हुए चक्रवातीय तूफान तौक-ते (ताऊ ते) का असर गुजरात के समुद्र तटीय इलाकों पर पड़ रहा है। चक्रवात से पहले कई जिलों में भारी बारिश हुई है, जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया। रविवार को दोपहर करीब 3.30 बजे अचानक मौसम बदला और तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। आंधी से सैकड़ों पेड़ गिर गए और टीन-टप्पर उड़ने लगे। लगभग 4 बजे बारिश ने तटीय क्षेत्रों में भारी नुकसान पहुंचाया। कई-कई फीट तक पानी भर गया। मछुआरों की नावें बह गईं। घनी बस्तियों में जगह-जगह कीचड़ हो गई। गांव-कस्बों को जोड़ने वाली सड़कें खराब हो गईं। इसके अलावा उत्तरी गुजरात में अंधड़ चलने से वातावरण धूमिल हो गया।
Recommended Video

दक्षिणी गुजरात के सूरत जिले में रांदेर, चौक बाजार, नवजीवन सर्किल, अडाजण, कापोद्रा सहित कई क्षेत्रों में ढेरों पेड़ धराशाई हो गए। मौसम बिगड़ता देख डूमस बीच पर मनपा व पुलिस की टीमें तैनात कर दी गईं। वालक पाटिया के पास कोरोना टेस्टिंग का पंडाल गिर गया। सूरत के कलेक्टर ने डिजास्टर मैनेजमेंट और तहसील के सभी अधिकारियों को अलर्ट रहने को कहा। प्रशासन की ओर से बताया गया कि, झींगा तालाबों पर काम करने मजदूरों सहित 400 लोगों को महानगर पालिका के सेंटरों में रखा गया है। वहीं, डूमस में 50 पुलिसकर्मी तैनात हैं। हजीरा में एनडीआरएफ की दो टीमें लगाई हैं।

सूरत महानगर पालिका ने विस्थापित किए जा रहे लोगों के लिए 39 इमारतों में रहने की व्यवस्था की है। कहा जा रहा है कि, तूफान के समय किसी के पास रहने की जगह नहीं होगी तो उन्हें यहां रखा जाएगा। जिन गांवों में चक्रवाती तूफान से तबाही की आशंका है, वहां बसें भेज दी गई हैं। इन बसों से इमरजेंसी में लोगों को शिफ्ट करने में मदद मिलेगी।

डुमस थाने के पुलिस इंस्पेक्टर अंकित सोमैया ने कहा कि, इलाके में 50 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। साथ ही बाहरी लोगों को गांव में आने की इजाजत नहीं है। सूरत एयरपोर्ट को 24 घंटे स्टैंडबाय पर रखा गया है।

उधर, वापी जिले में भी चक्रवात का असर दिखने लगा है। वहां रविवार को तूफानी बरसात हुई। वांसदा तहसील के कई गांवों में नुकसान हुआ है। तहसील के कणधा गांव में एकलव्य कुमार छात्रालय के करीब 150 पतरे उड़ गए। इसके उपरांत बारी फलिया स्थित 3 नंबर आंगनवाड़ी के पतरे भी उड़ गए।

बारडोली में कई जगहों पर तेज हवाओं के कारण बिजली के खंभे और पेड़ गिर गए। इससे ज्यादातर गांव में विद्युत आपूर्ति ठप हो गई।












Click it and Unblock the Notifications