गुजराती उद्योगपति ने अलीबाबा से 11 साल पुराना कॉन्ट्रैक्ट तोड़ा, कहा- बायकॉट करें, चीन घुटनों पर आ जाएगा
नवसारी। लद्दाख प्रांत में चीन के सैनिकों की घुसपैठ रोकने के लिए बॉर्डर पर भारतीय सशस्त्र बल चौबीसों घंटे पहरा दे रहे हैं। 15-16 जून की रात लद्दाख के गालवान नदी क्षेत्र में चीनी सेना ने धोखे से हमला कर दिया। जिसमें 20 भारतीय फौजी शहीद हो गए, 76 से ज्यादा घायल भी हुए। जिससे देश में गम-गुस्से और आक्रोश की लहर दौड़ गई। लोग चीन-निर्मित सामान का बायकॉट करने लगे, तो कुछ व्यापारी और उद्योगपति भी अपने कॉन्ट्रेक्ट खत्म करने में लग गए हैं।

अलीबाबा कंपनी से अपना 11 साल पुराना नाता तोड़ा
ऐसे ही नवसारी के एक उद्योगपति ने चीन की अलीबाबा कंपनी से अपना 11 साल पुराना नाता तोड़ लिया है। उससे करार खत्म करने के बाद अब उन्होंने स्वदेशी कंपनी को प्रोत्साहन देने का संकल्प लिया है। उनके द्वारा तोड़े गए करार के कारण अलीबाबा डॉटकॉम ने गोल्ड सप्लायर का विशेष दर्जा भी खो दिया है। संवाददाता ने बताया कि, देविना पार्क के परेश राठौड़ की सचिन क्षेत्र के सेज में कालिका इंटरनेशनल कंपनी है।

यह कंपनी एशिया में सबसे ज्यादा ब्रेक फ्ल्यूड का उत्पादन करने वाली
परेश राठौड़ की यह कंपनी एशिया में सबसे ज्यादा ब्रेक फ्ल्यूड का उत्पादन करने वाली मानी जाती है। उस कंपनी के चीन समेत करीब 30 देशों के साथ अनुबंध हुए पड़े हैं। कंपनी का 11 साल पहले चीन के ब्रांड अलीबाबा से कांट्रेक्ट हुआ था। मगर, अब उसके साथ किया गया वह कॉन्ट्रेक्ट उन्होंने रद्द कर दिया है। इस बारे में परेश राठौड़ ने कहा- 'भारतीय जवानों की शहादत के चलते चीनी सामान का बहिष्कार अभियान शुरू हो गया है।''

कॉन्ट्रैक्ट खत्म करने के बाद यह बोले परेश राठौड़
'हमने भी अलीबाबा से 11 साल पुराने व्यापारिक रिश्तों को विराम दे दिया है। जो देश अपनी नीचता दिखाए और पीठ पर छुरा घोपें, उसके साथ किसी तरह का संबंध रखना देशद्रोह हुआ न। तो मैं भी अपने देश के साथ हूं, इसलिए अब व्यापार में भी चीन का सहयोग नहीं करूंगा। मेरा मानना है कि, अब हिंदुस्तानियों को चीनी सामान का बहिष्कार करना ही चाहिए।''

जब उससे संपर्क टूटेगा, तो चीन घुटनों पर आएगा
''जब चीन की अर्थव्यवस्था को झटका लगेगा, तो उसे भारत के साथ टकराव रखने का कुछ पछतावा होगा। यदि हम सब मिलकर ऐसा करते हैं, तो 5 साल में चीन घुटनों पर आ जाएगा, ऐसा मेरा मानना है। अब मैंने जो अलीबाबा से कॉन्ट्रेक्ट तोड़ा है, उसके बाद मैं स्वदेशी कंपनियों से कॉन्ट्रेक्ट करूंगा।'

यह काम भी करते हैं परेश भाई राठौड़
बता दें कि, परेश भाई सयाजी लायब्रेरी, एनएमएन नवसारी, विद्याकुंज शाला के ट्रस्टी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। अब उनकी देखा-देखी कुछ अन्य उद्योगपतियों के भी चीन से नाता तोड़ने की अटकलें लग रही हैं।












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