नर्मदा में आई ऐसी बाढ़, मप्र-गुजरात में कोहराम, 8 हजार से ज्यादा लोग सेफ जगह पर पहुंचाए गए
अहमदाबाद। लगातार हो रही बारिश के चलते नर्मदा नदी एवं उससे जुड़े नहर-नाले पानी से लबालब हैं। नर्मदा से लगते जिले बाढ़ से जूझ रहे हैं। निचले इलाकों में जलभराव हो रहा है। इस नदी के तटीय इलाकाें में 1999 के बाद बाढ़ की ऐसी स्थिति बनी है कि सैकड़ों गांव जलमग्न हो गए हैं।अकेले मध्य प्रदेश के 12 जिलों के 400 से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
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मप्र के 454 गांव-कस्बे बाढ़ की चपेट में
संवाददाता के अनुसार, मप्र के 454 गांव-कस्बे नर्मदा के पानी से जूझ रहे हैं। यूं तो देश के कई राज्याें में पिछले दिनाें से हाे रही भारी बारिश से जलभराव की स्थिति पनप रही है, लेकिन मध्य प्रदेश-गुजरात में नर्मदा नदी के कारण जो स्थिति है, वैसी यहां 1999 में दिखाई दी थी।

नदियों में बाढ़, डैम भी ओवरफ्लो
इधर, गुजरात में ऊना की मच्छुंद्री नदी भी उफान पर है। नदी पर बने द्रोणेश्वर डैम ओवरफ्लो हैं। जिन गांवों में पानी भरा हुआ है, वहां से हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा चुका है। एनडीआरएफ की टीमें और वायु सेना राहत-बचाव के काम में जुटी हैं।

वायुसेना यूं बचा रही लोगों को
वायुसेना ने मप्र के छिंदवाड़ा जिले में पांच, बालाघाट में एक बुजुर्ग सहित तीन लाेगाें काे एयर लिफ्ट कर बचाया। बताया जा रहा है कि, यहां बाढ़ से आठ हजार लोगों को सुरक्षित पहुंचाया गया है। नर्मदा तटीय इलाकाें से ही 2000 से ज्यादा लाेगाें काे सुरक्षित निकाला गया।

गुजरात के इन जिलों में जलभराव
गुजरात सरकार से जुड़ी एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां पंचमहल, राजकोट, बनासकांठा, बोटाड, वडाेदरा, देवभूमि द्वारका और जूनागढ़ जिलों में आठ घंटे में ही 100 से 120 मिमी से अधिक बारिश हुई है। यहां बाढ़ में डूबे नर्मदा तट के इलाकाें से 2000 से ज्यादा लाेगाें काे सुरक्षित निकाला गया है।












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