पाक से आ रही टिडि्डयां बेकाबू, 2 राज्यों में फसलों पर आपदा की तरह टूट पड़ीं, किसान खेत छोड़ने लगे

जोधपुर/बाड़मेर/बनासकांठा. पाकिस्तान की ओर से आ रहीं टिडि्डयां भारतीय कृषित भूमि पर फसलों को बर्बाद किए जा रही हैं। टिड्डी दल ने गुजरात और पश्चिमी राजस्थान के सीमान्त क्षेत्र के किसानों की नींद उड़ा कर रख दी है। हजारों हेक्टेयर भूमि पर करोड़ों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं, क्योंकि उन्हें टिड्डियों ने चट कर डाला। ऐसे में अब हजारों किसानों ने नाउम्मीदी के साए में अपने खेत खाली कर दिए हैं। बेबसी के चलते वे खेतों पर नहीं टिक पा रहे।

टिड्डियों ने गुजरात में चट कर डाली 10,000 एकड़ फसल

टिड्डियों ने गुजरात में चट कर डाली 10,000 एकड़ फसल

संवाददाता के अनुसार, पहले वाली टिडि्डयां अभी तक काबू में आ नहीं पाईं और नए दलों की आवक जारी है। उत्तरी गुजरात में टिड्डियों ने तीन महीने के भीतर दूसरी बार धावा बोला है। इससे पहले कृषि विभाग की टीमों द्वारा टिड्डियों से प्रभावित राज्य के कई जिलों में दवाओं का छिड़काव कराया गया था। बीते चार माह में राज्य में करीब 10,000 एकड़ भूमि की फसलें टिड्डी दल ने नष्ट कर डाली हैं।

नियत्रंण पाने के लिए टीमें दवाओं का छिड़काव कर रहीं

नियत्रंण पाने के लिए टीमें दवाओं का छिड़काव कर रहीं

राज्य के कृषि मंत्री आरसी फलदु का कहना है कि, अभी हम उत्तरी गुजरात के इलाकों में टिड्डी दल को नियंत्रित करने में लगे हैं। जिन किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है, सरकार की ओर से उन्हें मुआवजा दिया जाएगा। हाल ही कृषि विभाग ने तीन टीमों को प्रभावित इलाकों में भेजा है। जहां टीमें दवाओं का छिड़काव कर रही हैं। जिन फसलों को टिड्डियों ने नुकसान पहुंचाया, उनमें अरंडी, जीरा, रायडू और अन्य फसलें शामिल हैं।

सर्वाधिक नुकसान बनासकांठा और राजस्थान के धोरीमन्ना क्षेत्र में

सर्वाधिक नुकसान बनासकांठा और राजस्थान के धोरीमन्ना क्षेत्र में

फसलों को टिड्डियों ने सर्वाधिक नुकसान गुजरात में बनासकांठा जिले की वाव तालुका में पहुंचाया है। यहां 10 गावों के किसानों की फसलें टिड्डियों द्वारा चट कर दी गईं। जबकि, एक नए टिड्‌डी दल ने पाक सीमा पार कर बाड़मेर के धोरीमन्ना क्षेत्र में प्रवेश किया।

केंद्र व राज्य सरकार टिड्डी रोकने में नाकाम रहीं

केंद्र व राज्य सरकार टिड्डी रोकने में नाकाम रहीं

राजस्थान में बाड़मेर व जैसलमेर के किसानों की फसलों को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंचा है। एक रिपोर्ट के मुताबिक, इस बार 7.77 लाख हेक्टेयर में करीब 700 करोड़ से ज्यादा की फसलें टिड्डी चट कर गईं, लेकिन केंद्र व राज्य सरकार टिड्डी रोकने में नाकाम रहीं।

राजस्थान—गुजरात राज्यों के 6200 गांवों में मची तबाही

राजस्थान—गुजरात राज्यों के 6200 गांवों में मची तबाही

पाकिस्तान की तरफ से आए टिड्डी दल भारत के कई राज्यों में फसलों को चट कर देते हैं। इसी साल गुजरात, राजस्थान और पंजाब में हजारों हेक्टेयर भूमि में फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। पाक बॉर्डर से सटे गुजरात के इलाकों में शायद ही ऐसा कोई गांव बचा हो, जहां टिड्डियों का प्रकोप न देखा गया हो। इन राज्यों के 6200 गांवों में फसलों की तबाही देखने को मिली है। यदि टिड्डियों को अभी नियंत्रित नहीं किया जाता है, तो फसल बर्बादी का आंकड़ा काफी बढ़ जाएगा।

26 साल पहले हुआ था टिड्डियों का बड़ा हमला

26 साल पहले हुआ था टिड्डियों का बड़ा हमला

देश में इससे पहले वर्ष 1993 में टिड्डी दल का बड़ा हमला हुआ था। उस साल राजस्थान-गुजरात में सीमावर्ती इलाकों में सभी फसलें बरबाद हो गई थीं। पाक सीमा से सटे खेत सर्वाधिक प्रभावित हुए थे।

एक-दो वर्षों में फिर से टिड्डियों का संकट पनप गया

एक-दो वर्षों में फिर से टिड्डियों का संकट पनप गया

उसके बाद सरकार ने काफी इंतजाम किए। तब जाकर टिड्डियां खत्म की जा सकीं। अब पिछले एक-दो वर्षों में फिर से टिड्डियों का संकट पनप गया है। इसी साल की शुरूआत में भी टिड्डियों के हमले की खबरें आई थीं।

पढ़ें: पाकिस्तान की तरफ से गुजरात पर Locust अटैक, 26 साल बाद किसानों को दिखाई दिए 'घुसपैठिया'

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