हीरा कारीगरों के मसीहा माने जाने वाले गजेरा ने नदी में कूदकर दे दी जान, श्रमिकों की समस्याएं सुलझाकर ही लेते थे दम
सूरत। गुजरात में डायमंड सिटी सूरत से चौंकाने वाली घटन सामने आई है। यहां हीरा कारीगर संघ के प्रेसिडेंट जयसुख गजेरा ने आज नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। तापी नदी से उनकी लाश बरामद की गई। गजेरा सूरत में हीरा कारीगरों के मसीहा माने जाते थे। वह हमेशा हीरा श्रमिकों के हक लिए आवाज उठाते थे और उनकी समस्याएं सुलझाकर ही दम लेते थे।

जब से कोरोना महामारी फैली और फिर लॉकडाउन लगा, तब से ही गजेरा ने कलाकारों के आने के लिए ट्रेन के टिकट, मकान व चिकित्सा जैसी सुविधाओं के कई प्रयास किए थे। वह सूरत रत्न कलाकार संघ के अध्यक्ष थे। उन्होंने खुदकुशी क्यों की, इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई है। उनके पास से कोई सुसाइड नोट भी नहीं मिला। हालांकि, बताया जा रहा है कि वे पिछले काफी समय से आर्थिक तंगी का सामना कर रहे थे।
गजेरा के करीबियों के मुताबिक, वो वे पिछले काफी समय से परेशान थे। रत्न कलाकार विकास संघ के ऑफिस का किराया तक समय से नहीं भर पा रहे थे। उनकी अचानक मौत की खबर पता चलने पर रत्न कलाकार संघ में शोक फैल गया है। पुलिस के मुताबिक, उनकी आत्महत्या के बाद कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।












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