'33 वर्षों से 7-8 लोग ही कांग्रेस को चला रहे हैं'- इस्तीफे के बाद और क्या बोले हार्दिक पटेल ? जानिए
अहमदाबाद, 19 मई: गुजरात प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष और पाटीदार नेता हार्दिक पटेल ने पार्टी से अपने इस्तीफे के बाद कई कारण गिनाए हैं, जिसके चलते उन्होंने यह निर्णय लिया है। हालांकि, बीजेपी में शामिल होने को लेकर वह अभी भी गोल-मटोल ही बोल रहे हैं, लेकिन कांग्रेस के अंदरूनी हालात को लेकर उन्होंने बहुत बड़ा आरोप लगाया है कि पार्टी में कार्य करने वाले और जमीन से जुड़े नेताओं की कद्र नहीं है। उन्होंने कहा है कि कोई भी समाज हो, गुजरात में उन्हें कांग्रेस में रहकर भुगतना ही पड़ा है। अपने त्याग पत्र में भी उन्होंने कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व के रवैए पर गंभीर सवाल उठाए थे और प्रदेश के बड़े पार्टी नेताओं की सोच पर भी जोरदार हमला किया था। उन्होंने आज भी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा पर निशाना साधा है।
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अभी बीजेपी में जाने पर फैसला नहीं- हार्दिक पटेल
कांग्रेस पार्टी से इस्तीफा देने के बाद पार्टी के गुजरात के पूर्व कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष हार्दिक पटेल ने गुरुवार को अहमदाबाद में एक प्रेस कांफ्रेंस में बीजेपी में शामिल होने की अटकलों पर कहा है कि, 'मैं अभी तक बीजेपी में नहीं हूं और जाने के बारे में कोई फैसला नहीं लिया है। ' कांग्रेस नेताओं ने भी उनके इस्तीफे के बाद उनपर यही कहकर तंज कसा है कि वे ये सब भाजपा से प्रभावित होकर कर रहे हैं।
'कांग्रेस में हर समुदाय को भुगतना ही पड़ा है'
हार्दिक ने कांग्रेस पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा है, 'गुजरात में चाहे पाटीदार समुदाय हो या कोई दूसरा समुदाय, कांग्रेस में उन्हें भुगतना ही पड़ा है। कांग्रेस में सच बोलो और बड़े नेता आपको बदनाम करेंगे और यह उनकी रणनीति है।' गुरुवार को पार्टी छोड़ने के बाद पटेल ने अहमदाबाद में यह प्रेस कांफ्रेंस की है। उन्होंने कहा, 'गुजरात में सिर्फ हार्दिक ही नहीं है जो कांग्रेस से नाराज है। गुजरात में कई नेता और विधायक हैं, जो कांग्रेस को इस्तेमाल करते हैं। सत्ता में बैठने और पार्टी की तारीफ करने का अर्थ यह नहीं है कि पार्टी उन्हें सीएम बना सकती है।'
'33 वर्षों से 7-8 लोग कांग्रेस को चला रहे हैं'
वो बोले, '33 वर्षों से 7-8 लोग कांग्रेस को चला रहे हैं। मेरे जैसा कार्यकर्ता रोजाना 500-600 किलोमीटर यात्रा करता है। अगर मैं लोगों के बीच जाता हूं और उनकी स्थिति जानने की कोशिश करता हूं, यहां पर बड़े नेता एसी चैंबरों में बैठकर इन कोशिशों को बाधित करने की कोशिश करते हैं।' उन्होंने कहा कि, 'पार्टी में ऐसी चर्चा होती है कि जब लोग बोर हो जाएंगे तो कांग्रेस को वोट देंगे। मैंने राहुल और प्रियंका गांधी से बात की थी और गुजरात की समस्याएं बताई थी। उन्होंने मुझसे पूछा और मैंने उन्हें बता दिया। तब से मुझे नजरअंदाज कर दिया गया। मैंने दुखी होकर पार्टी छोड़ने का फैसला नहीं किया है, बल्कि हिम्मत के साथ किया है।'
गौरतलब है कि कल उन्होंने कई पन्नों का आपना त्यागपत्र ट्विटर पर शेयर कर कैप्शन में लिखा था कि 'मैं हिम्मत करते कांग्रेस पार्टी के पद और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देता हूं। मुझे भरोसा है कि मेरे फैसले का स्वागत में मेरे सभी साथी और गुजरात की जनता करेगी।' उन्होंने उम्मीद जताई थी कि 'मेरे इस कदम के बाद मैं भविष्य में गुजरात के लिए सच में सकारात्मक रूप से कार्य कर पाऊंगा।'












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