गुजरात में कांग्रेस को दोहरा झटका! बुरी हार से गंवाना पड़ेगा नेता प्रतिपक्ष का पद
गुजरात विधानसभा चुनाव में बुरी हार से कांग्रेस को दोहरा झटका लगा है। एक तरफ पार्टी को जहां सिंहासन नहीं मिला है। वहीं, दूसरी तरफ पार्टी को नेता प्रतिपक्ष का पद भी गंवाना पड़ सकता है।

कांग्रेस को गुजरात विधानसभा चुनाव में बुरी हार का सामना करना पड़ा है और पार्टी को यहां सिर्फ 16 सीटों पर जीत नसीब हुई है। ऐसे में कांग्रेस को प्रदेश में विपक्ष का नेता पद भी गंवाना पड़ सकता है। गुजरात में विधानसभा की कुल 182 सीटें हैं। ऐसे में विपक्ष के नेता को भेजने के लिए पार्टी को कम से कम 10 प्रतिशत सीटों पर जीत दर्ज करने की जरूरत थी। इस हिसाब से देखे तो पार्टी के पास विपक्ष के नेता को भेजने के लिए भी संख्याबल नहीं है। आपको बता दें कि गुजरात में कांग्रेस की ये अब तक की सबसे बड़ी हार है।
केंद्र में भी कांग्रेस नहीं भेज सकी नेता प्रतिपक्ष
2014 और 2019 का लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हारने की वजह से कांग्रेस केंद्र में भी नेता प्रतिपक्ष नहीं नियुक्त कर सकी है। क्योंकि पार्टी को दोनों ही लोकसभा चुनावों में केवल 44 और 52 सीटों पर जीत मिली थी। हालांकि पार्टी की तरफ से मल्लिकार्जुन खड़गे को नेता प्रतिपक्ष बनाने की कोशिश की गई थी, लेकिन तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने नियमों का हवाला देते हुए इस प्रयास को रोक दिया था। आपको बता दें कि संसद में नेता प्रतिपक्ष नियुक्ति करने के लिए किसी भी पार्टी को कम से कम 55 सीटें लानी जरूरी होती हैं।
नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिलने से खड़गे ने ठुकराया था केंद्र का ये निमंत्रण
2014 में मोदी सरकार के पहले कार्यकाल में खड़गे को भ्रष्टाचार विरोधी निकाय लोकपाल नियुक्त करने के लिए एक पैनल की बैठकों में आमंत्रित किया गया था। लेकिन उन्होंने नेता प्रतिपक्ष का पद नहीं मिलने के विरोध में निमंत्रण ठुकरा दिया था। आपको बता दें कि खड़गे कांग्रेस के पहले अध्यक्ष हैं, जो गांधी परिवार से ताल्लुक नहीं रखते हैं। बता दें कि कांग्रेस ने 1980 और 1984 में विपक्ष के साथ भी ऐसा ही किया था। 1980 और 1984 में ऐतिहासिक जीत दर्ज करने के बाद कांग्रेस ने किसी को भी नेता प्रतिपक्ष नहीं बनने दिया था।
गुजरात विधानसभा चुनाव में भाजपा को मिली हैं 156 सीटें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गुजरात में रिकॉर्ड बनाते हुए पहली बार 156 सीटों पर जीत दर्ज की है। ऐसे में यहां पर भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। भाजपा को प्रदेश में इससे पहले सबसे ज्यादा सीटें 2002 में मिली थी। 2002 में पार्टी ने 127 सीटों पर जीत दर्ज की थी। आपको बता दें कि गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर दोबारा से भूपेंद्र पटेल 12 दिसंबर को शपथ लेंगे। इस बात की जानकारी प्रदेश अध्यक्ष सीआर पाटिल की तरफ से दी गई है। शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, अमित शाह और भाजपा के कई नेता शामिल होंगे।
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