Antyodaya Anna Yojana: गुजरात में 1.50 करोड़ गरीबों को मिल रहा आहार

गांधीनगर: अंत्योदय अन्न योजना गरीबी रेखा से भी नीचे वाले तबके को भोजन की समस्या को दूर करने के लक्ष्य के साथ चलाया जा रहा है। नेशनल सैंपल सर्वे ने इस बात की ओर इशारा किया था कि देश की आबादी के करीब 5% लोग दो वक्त के भोजन के बिना सोने को मजबूर हो जाते हैं। इसी को ध्यान में रखकर गुजरात में भी करीब 30 फीसदी गरीबों लिए यह योजना चलाई जा रही है, जो कि राज्य की कई कल्याणकारी योजनाओं के अलावा है। अंत्योदय अन्न योजना एक ऐसी योजना है, जिसके तहत गरीबों और विकलांगों को लगभग मुफ्त में अनाज उपलब्ध करवाया जाता है। इस योजना के माध्यम से राज्य में गरीब परिवारों को हर महीने खाद्यान्न दिया जाता है। भूमिहीन खेतिहर मजदूरों, ग्रामीण कारीगरों, झुग्गी बस्तियों में रहने वालों, विधवाओं, विकलांगों और बुजुर्गों को नाममात्र की कीमत पर खाद्यान्न उपलब्ध करवाने की व्यवस्था है। इस योजना को शुरू करने का उद्देश्य ही यही है कि किसी को भी भूखे पेट ना सोना पड़े।

In Gujarat, due to Antyodaya Anna Yojana, 1.50 crore poor are getting food for both the times

अंत्योदय अन्न योजना से 1.50 करोड़ लोगों को मिलता है लाभ
अंत्योदय अन्न योजना में नामांकित परिवारों को 75 रुपये प्रति माह की मामूली कीमत पर 15 किलो गेहूं और 20 किलो चावल समेत 35 किलो खाद्यान्न उपलब्ध करवाने की व्यवस्था की गई है। इस योजना के माध्यम से गुजरात सरकार की ओर से 28 हजार मीट्रिक टन खाद्यान्न का आवंटन किया जाता है। राज्य के 1.50 करोड़ लोग इस अंत्योदय अन्न योजना के दायरे में आते हैं, जिन्हें मामूली दर पर राशन मिल रहा है।

सुइगम के ठाकरसीभाई ने कहा कि

इस अंत्योदय अन्न योजना के कारण हमारे 10 लोगों के परिवार को आजीविका चलाने में बहुत ही मदद मिली है। वर्तमान में, जब महंगाई और व्यावसायिक रोजगार की कमी के कारण एक बड़े परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल है, यह योजना एक जीवन रक्षक है।

वहीं पूनम वढेर ने कहा कि

हम गांव से पलायन कर शहर में रहने आ गए हैं। लेकिन, इस बायोमीट्रिक सिस्टम के चलते हमें इतनी मात्रा में अनाज यहां शहर में भी मिल रहा है। इस वजह से, हमें शहर में रहने के लिए भी चिंता करने की जरूरत नहीं है।

राज्य में अंत्योदय अन्न योजना के राशन कार्ड धारकों को यह अनाज हर माह स्वीकृत सरकारी राशन की दुकानों से दी जाती है। जिसके लिए राज्य सरकार ने बायोमेट्रिक सिस्टम बनाया है, ताकि इसका गलत इस्तेमाल ना हो सके। यह अंत्योदय योजना गुजरात में गरीबी को खत्म करने में काफी सफल साबित हुई है। इससे परिवारों को बहुत कम लागत पर सहायता पहुंचाना आसान हो गया है। गुजरात की भूपेंद्र पटेल सरकार ने इस योजना के लिए बजट में 125 करोड़ की राशि का इंतजाम किया है।

सस्ते अनाज की दुकान के प्रबंधक भरत चौधरी ने कहा कि

गरीब और कमजोर परिवार इस अनाज का इंतजार करते हैं। कई परिवारों के पास जिनके पास आय का कोई स्रोत नहीं है, उनके लिए यह अनाज आजीविका का मुख्य आधार है। खाद्य तेल और तुअर की दाल और चीनी भी त्योहारों के दौरान मामूली दरों पर वितरित की जाती है।

वास्तव में राज्य की बडी आबादी दिन में दो बार भूखी न रहे और उन्हें पौष्टिक भोजन मिले, इस योजना से वह उद्देश्य पूरा हो रहा है। गुजरात के लिए लाखों लोगों के लिए यह योजना अन्नपूर्णा योजना साबित हो रही है। (राशन वाली तस्वीर-सांकेतिक)

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