कोरोना महामारी के बीच एक और आपदा, पाक से हजारों के झुंड में गुजरात-राजस्थान आईं टिड्डियां
बनासकांठा। कोरोना-लॉकडाउन के बीच किसानों पर एक और बड़ी आफत फिर आ पड़ी है। पाकिस्तान की ओर से हजारों के झुंड में टिड्डियां सीमावर्ती इलाकों में आ रही हैं। गुजरात-राजस्थान के कई जिलों में फसलों को टिड्डियों द्वारा खाते देखा गया है। उत्तरी गुजरात के बनासकांठा और पाटणं में किसानों के बीच हड़कंप मच गया है। महामारी के इस दौर में वे जैसे-तैसे खेती कर रहे थे, अब टिड्डियों का हमला होने से उनकी चिंता बढ़ गई है। इन्हीं के कारण पिछले वर्ष के अंत में भी हजारों एकड़ फसलें तबाह हो गई थीं।

महामारी लॉकडाउन के बीच फिर बड़ी आफत
हालांकि, दूर-दराज के इलाकों में टिड्डियों के झुंड दिखने पर अधिकारियों का कहना है कि किसानों को घबराने की जरूरत नहीं है। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को कहा कि उत्तरी गुजरात में पिछले साल दिसंबर में आए टिड्डियों के बड़े झुंड की तुलना में इस बार इनकी संख्या बहुत कम है। दिसंबर में आए टिड्डियों के झुंड के हमले में 25,000 हेक्टेयर के इलाके में तैयार फसलें नष्ट हो गई थीं। बनासकांठा जिला कृषि अधिकारी पी.के. पटेल बोले- ‘5 महीने बाद 200 से 300 टिड्डियों वाले छोटे झुंड बनासकांठा और निकटवर्ती पाटण में घुस आए हैं।'

'किसान डरें नहीं, इन्हें तो मोर कौवे ही खा जाएंगे'
पटेल ने कहा, ‘अंतरराष्ट्रीय दिशा-निर्देशानुसार हम इतनी कम संख्या वाले टिड्डियों के झुंड को नियंत्रित नहीं करेंगे। किंतु, जहां भी टिड्डी मिल रहे हैं, हम वहां छिड़काव कर रहे हैं। हमने डीसा के निकट आज एक गांव में टिड्डी के छोटे झुंड पर रसायन का छिड़काव किया। लोगों को अभी इतना डरने की जरूरत नहीं है।'
पटेल बोले- ‘टिड्डियों के झुंड राजस्थान के जैसलमेर में बड़े झुंड से संभवत: अलग हो गए होंगे। क्योंकि, जैसलमेर में टिड्डी के झुंडों के खिलाफ अभियान चल रहा है। तो ये टिड्डी के झुंड खतरा नहीं हैं। ये तो मोरों, कौवों और अन्य पक्षियों द्वारा भी प्राकृतिक रूप से नियंत्रित कर लिए जाते हैं।'

सरसों, अरंडी, कपास, सौंफ चबा गई थीं
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में कीटनाशकों के छिड़काव के लिए हस्तचालित पंप भी मुहैया कराए गए हैं, ताकि किसान घबराए नहीं।'
ज्ञातव्य है कि, पाकिस्तान से पिछले साल आई टिड्डियों ने गुजरात के बनासकांठा, महेसाणा, कच्छ, पाटन और साबरकांठा जिलों में बड़े पैमाने पर फसलें चट कर डाली थीं। टिड्डी के झुंडों ने यहां सरसों, अरंडी, कपास, सौंफ और जीरा आदि फसलें तबाह कर दी थीं।

सरकार ने किया था मुआवजे का ऐलान
किसानों की वेदना समझते हुए तब गुजरात सरकार ने पीड़ितों के लिए मुआवजे की घोषणा की थी। उसी तरह राजस्थान में भी जिल प्रशासनों की ओर से किसानों को आश्वासन दिए गए। बजट में भी कुछ प्रावधान किए गए थे।












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