भोजपुरी में वह ताकत है जो लोगों को दिलों से जोड़ती है, इसे मिले मान्यता प्राप्त भाषा का दर्जा - सरिता बुधू
DDU University Latest News In Gorakhpur Uttar Pradesh: दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के संवाद भवन में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी संगोष्ठी में भोजपुरी भाषा, साहित्य और संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर गहन चर्चा हुई। संगोष्ठी का आयोजन विश्वविद्यालय के अंग्रेजी विभाग एवं भोजपुरी एसोसिएशन ऑफ इंडिया "भाई" के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जिसका उद्घाटन कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। बतौर मुख्य अतिथि भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन, मॉरीशस की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सरिता बुधु की उपस्थिति रही।
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अंतर्राष्ट्रीय भोजपुरी संगोष्ठी की मुख्य अतिथि भोजपुरी स्पीकिंग यूनियन मॉरीशस की पूर्व अध्यक्ष डॉ. सरिता बुधु ने भोजपुरी भाषा को "गायन की भाषा" बताते हुए इसे भावनाओं की भाषा के रूप में परिभाषित किया और कहा कि भोजपुरी गीतों में वह ताकत है, जो लोगों के दिलों को जोड़ सकती है। उन्होंने भोजपुरी को मान्यता प्राप्त भाषा का दर्जा दिलाने की आवश्यकता पर जोर दिया और मॉरीशस में भोजपुरी भाषा के प्रचार-प्रसार के अपने अनुभव साझा किए। शोधार्थियों से भी डायस्पोरा पर अपना शोध करने की अपील किया और साथ ही साथ विश्वविद्यालय में डायस्पोरा केंद्र खोलने के लिए कुलपति से अनुरोध भी किया।

उन्होंने कहा कि बहुत सारे लोगों को भोजपुरी बोलने में शर्म आती है। इसे अन्य भाषाओं से कम आंकते है। यह गलत है । अन्य भाषाओं की तरह ही भोजपुरी भी सम्मानित और महत्वपूर्ण भाषा है। आज देश ही नहीं विदेशों में भी इसे बोलने वाले लोग हैं। आज विश्व के कई देशों में इसे बोला जा रहा है। हम सभी को इसे आगे बढ़ाने में पूरा सहयोग करना चाहिए।












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