Gorakhpur News: ऐसे भड़का था गोरखपुर दंगा, दोषी को कोर्ट ने सुनाई यह सजा
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में साल 2003 में दंगा भड़का था। जिसमें भारी नुकसान हुआ था। पूरे शहर में दहशत का माहौल था। लोग घरों में कैद थे। इस मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी आदर्श श्रीवास्तव ने दोषी परवेज परवाज को दो साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
परवेज परवाज को सामूहिक दुष्कर्म के मुकदमे में पहले ही आजीवन कारावास की सजा मिल चुकी है। इस समय वह जिला कारागार में निरुद्ध है। अभियोजन पक्ष का कहना था कि चार मार्च 2003 की शाम करीब 5:30 बजे वादी प्रभारी निरीक्षक आरएम कन्नौजिया पुलिस कर्मियों के साथ ड्यूटी पर थे। उन्हें सूचना मिली कि तुर्कमानपुर के विशेष समुदाय की ओर से पांडेयहाता चौराहे पर हरा झंडा लगाया जा रहा है, जिससे खरादी टोला के कुछ लोग आक्रोशित हैं।

इसके बाद पुलिसवाले मौके पर पहुंच गए। उस समय खरादी टोला की तरफ से एक पक्ष व तुर्कमानपुर की तरफ से दूसरे पक्ष के लोग ईंट-पत्थर चला रहे हैं। इस घटना में तुर्कमानपुर व पांडेयहाता के कुछ घरों, दुकानों व स्कूटर को क्षतिग्रस्त किया गया। बाजार में भगदड़ मचने से दहशत का माहौल हो गया। विवेचना के दौरान अभियुक्त परवेज परवाज का नाम प्रकाश में आया।
परवेज परवाज ने वर्ष 2007 में हुए गोरखपुर दंगे में तत्कालीन सांसद रहे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के विरुद्ध फर्जी केस दर्ज कराया था। कोर्ट में उसने एक टेप दिया था, जाे जांच में फर्जी पाया गया था। इसके बाद केस खत्म कर दिया गया।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि डीजीपी के निर्देश पर चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के द्वारा न्यायालय में विचाराधीन गंभीर अपराधों की निरंतर पैरवी कराई जा रही है। इसी प्रयास से परवेज परवाज को सजा दिलाई गयी है।
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