Nirbhaya Case: अवनींद्र के पिता ने कहा- फैसला देर से सही, दोषी इसी के हकदार थे
गोरखपुर। 2012 के दिल्ली गैंगरेप और हत्या मामले में निर्भया के माता-पिता की याचिका पर पटियाला हाउस कोर्ट ने फैसला सुना दिया है। कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों का मंगलवार को डेथ वारंट जारी कर दिया। चारों दोषियों को 22 जनवरी, सुबह 7 बजे फांसी पर लटकाया जाएगा। बता दें कि निर्भया को इंसाफ दिलाने में गोरखपुर के अवनींद्र की भूमिका अहम रही है। बस में जिस समय निर्भया के साथ दरिंदगी हुई थी, उस वक्त गोरखपुर के अवनींद्र उसके साथ थे। अवनींद्र ने दरिंदों से लोहा भी लिया, लेकिन निर्भया को बचा नहीं सके। मामले में वे ही चश्मदीद गवाह भी बने। निर्भया केस पर फैसला आने के बाद अवनींद्र के पिता भानु प्रताप पाण्डेय ने कहा....

इसी के हकदार थे निर्भया के चारों दोषी
अवनींद्र के पिता भानु प्रताप पाण्डेय ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि फैसला देर से ही सही दोषी इसी के हकदार थे। लेकिर, अभी कानून में कुछ बदलाव की जरूरत है। उन्होंने चारों आरोपियों के डेथ वारंट जारी होने पर कहा कि पूरा देश और वे भी इस फैसले से संतुष्ट हैं। ऐसे दरिंदों को फांसी की सजा ही मिलनी चाहिए थी। हालांकि निर्भया के माता-पिता से उनकी बातचीत नहीं हो पाई। लेकिन उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बच्ची को खोया है, उसकी कमी को कभी पूरा नहीं किया जा सकता है।

कानून में और बदलाव की जरुरत
उन्होंने भी काफी लंबी लड़ाई लड़ी है। पूरा देश उनके साथ खड़ा रहा है। सरकार को इसके आगे झुकना पड़ा और संविधान में संशोधन कर ऐसा कानून लाना पड़ा। हालांकि उन्होंने कहा कि अभी इसमें और बदलाव की जरूरत है। ऐसे आरोपी जो तीन साल की सजा पाकर छूट गए और इस समाज का हिस्सा हैं, उनके लिए और सख्त सजा का प्रावधान होना चाहिए। भानु प्रताप पाण्डेय ने कहा कि निर्भया के माता-पिता के लिए ये एक ऐसी अपूरणीय क्षति है, जिसे कभी पूरा नहीं किया जा सकता है। उनकी पीड़ा में थोड़ी कमी जरूर आई होगी। वे कहते हैं कि उस घटना को वो जीवन में फिर कभी याद नहीं करना चाहते हैं।

आज मिला है इंसाफ
उन्होंने कहा कि निर्भया के माता-पिता से बातचीत नहीं हो पाई। उनके चाचा से बातचीत होती है। उन्होंने कहा कि उनके माता-पिता ने काफी आंदोलन किया, जिसके परिणामस्वरूप ये फैसला आया। उन्होंने कहा कि निर्भया तो वापस तो नहीं आ सकती है लेकिन, उनके भी मन को अपूरणीय शांति मिली होगी। अवनींद्र के बारे में पूछने पर बताया कि वह विदेश में जॉब कर रहा है। बताया कि घटना के अवनींद्र इतने टूट गए थे कि उन्हें संभालने में परिवार को चार साल लग गए। अब दोषियों को सजा होने के बाद अवनींद्र ने कहा, आज वास्तव में उनकी दोस्त को इंसाफ मिला है।












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