UP: नेशनल मेडिकल कमीशन की इस नई गाइडलाइन से मरीजों को मिलेगी राहत, अब ऐसा करेंगे डॉक्टर
Gorakhpur News: नेशनल मेडिकल कमीशन ने मरीजों के लिए खास पहल की है। इस पहल से मरीजों को सुविधा मिलेगी। खासकर दवाओं को लेकर मरीजों की दुविधा का विशेष समाधान होगा। इसके साथ ही जेनेरिक दवाओं को बढ़ावा मिलेगा। आइए जानते हैं क्या है नई गाइडलाइन-
जेनरिक दवाएं लिखेंगे डॉक्टर
गोरखपुर के सीएमओ डॉक्टर आशुतोष दुबे ने बताया कि डॉक्टरों के लिए कुछ गाइडलाइन जारी की गयी है। नई गाइडलाइन में दो बातों पर विशेष जोर दिया गया है। पहला निर्देश यह है कि सरकारी अस्पतालों के डॉक्टर मरीजों को सिर्फ और सिर्फ जेनरिक दवाएं ही लिखेंगे। इससे जेनरिक दवाओं का प्रचार प्रसार भी होगा।

दवाओं का फार्मूला साफ- साफ लिखेंगे डॉक्टर
सीएमओ ने बताया कि डॉक्टरों को यह खास निर्देश दिए गए हैं कि पर्चे पर दवाओं के नाम साफ और बड़े अक्षरों में लिखने होंगे। फार्मूला साफ - साफ पर्चे लिखना होगा।
ये नियम सभी आरएमपी (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टीशनर) पर लागू होंगे। सरकार से मान्यता प्राप्त चिकित्सा शिक्षा संस्थानों से डिग्री प्राप्त करने के पश्चात भारत सरकार के नेशनल मेडिल कमीशन में पंजीकृत होने वाले डॉक्टर इस श्रेणी में आते हैं। इन डॉक्टरों के पर्चा का नमूना भी जारी किया गया है। इस पर डॉक्टर का नाम, पंजीकरण संख्या, आपातकालीन नंबर, रोगी का नाम, उम्र, श्रेणी, भार आदि का भी जिक्र करना है।
जेनरिक दवाएं ब्रांडेड दवाओं से 30 से लेकर 80 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं। कुछ दवाएं ब्रांडेड जेनरिक की श्रेणी में हैं। वह ब्रांडेड से तो सस्ती होती हैं, लेकिन जेनरिक से महंगी होती हैं। इसलिए डॉक्टरों को चाहिए कि इस श्रेणी में केवल जेनरिक दवाएं ही मरीज को लिखें। इसके अलावा ऐसी दवा का नाम लिखें, जो दवा की दुकानों पर सामान्य रूप से उपलब्ध हो।












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