Gorakhpur News: UGC NET-JRF कोचिंग क्लासेज को लेकर छात्रों में उत्साह, मिलेंगी यह सुविधाए
Gorakhpur News: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय द्वारा मेधावी विद्यार्थियों हेतु नेट/ जेआरफ कोचिंग क्लासेस कुलपति प्रो. पूनम टण्डन के मार्गदर्शन में 21 विभागों में शुरू हो गईं हैं। इन कक्षाओं के लिए करीब 2081 विद्यार्थियों ने पंजीकरण कराया है। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान (PM-USHA) के एक्विटी इनिश्यटिव मद के अंतर्गत विश्वविद्यालय में विभन्न विभागों में नेट लर्निंग सेंटर संचालित किए जा रहे हैं।
कुलपति प्रो पूनम टंडन ने कहा कि विद्यार्थियों को अगामी नेट परीक्षा में सफलता हासिल करने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि मन लगाकर पढ़िए और इन कक्षाओं से लाभ उठाइये। कुलपति ने कहा कि नेट/ जेआरफ कोचिंग क्लासेस को विभागों में संचालित किया जा रहा है। जिन विभागों से ज्यादा विद्यार्थी परीक्षा में उत्तीर्ण होंगे उनके योगदान को सराहा जाएगा।

इन कक्षाओं के सुचारू संचालन के लिए कुलपति द्वारा अधिष्ठता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दूबे को यूजीसी नेट क्लासेस कोर्स एवं सभी विभागीय केंद्रों का समन्वयक नियुक्त किया गया है।
उल्लेखनीय है कि कुलपति के निर्देश पर नेट की कक्षाओं के संचालन हेतु विभिन्न विभागों द्वारा नेट की कक्षाओं से सम्बन्धित प्रक्रिया को बहुत तेज़ी से क्रियान्वित किया गया। कक्षाओं में रजिस्ट्रेशन के लिए एक गूगल फॉर्म भी जारी किया गया था, जिसमें प्रतियोगी छात्रों ने अत्यधिक उत्साह के साथ पंजीकरण कराया है।
नेट क्लासेस के लिएलगभग 2081 विद्यार्थियों ने अभीतक पंजीकरण कराया है। अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. अनुभूति दूबे ने बताया कि विद्यार्थियों हेतु नेट/ जेआरफ कोचिंग क्लासेस की मदद से ज्ञात होगा कि यूजीसी नेट परीक्षा 2023 को पास करने के क्या फायदे हैं। यूजीसी नेट उच्च शिक्षा में शिक्षण कार्य करने की अनिवार्य शर्त है। नेट परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त कर फेलोशिप प्राप्त करने पर शोध करना छात्रों के लिए बहुत आसान हो जाता है। यूजीसी नेट प्रमाणन के साथ, छात्र न केवल अपने रोजगार मूल्य और नौकरी पाने की संभावनाओं को बढ़ा सकते हैं, अपितु वे खुद को कई मध्य-स्तर के अवसरों में अपनी जगह बना सकते हैं । उम्मीदवारों को अपने भविष्य के करियर के बारे में एक स्पष्ट निर्णय लेने में भी मदद मिलेगी।
नेट क्लासेस की समय सारणी हुई जारी
*जेआरएफ़ छात्रों को भी टीचिंग का मिलेगा मौक़ा*
विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों ने क्लासेस की समय सारणी जारी करने के साथ ही ऐसे शिक्षकों और जेआरएफ़ शोधार्थियों की सूची भी जारी की है, जिनके द्वारा यह कक्षाएँ संचालित की जाएंगी। इसी क्रम में आज से नेट जेआरएफ़ की क्लासेस शुरू हो गई है। विभागों के नेट जेआरएफ़ शोधार्थियों को भी पढ़ाने का मौक़ा दिया जाएगा।
इसी के साथ विश्वविद्यालय में आने वाले समय में अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं जैसे की गेट, सेट इत्यादि की तैयारी से संबंधित कोचिंग देने की भी योजना बनाई जा रही।
साल में दो बार आयोजित होती है यूजीसी नेट परीक्षा
यहाँ यह बताना उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा को यूजीसी-नेट के नाम से भी जाना जाता है। यह सहायक प्रोफेसर पद के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा है। नेट की परीक्षा के माध्यम से यूजीसी छात्रों को शोध के लिए फेलोशिप भी प्रदान करती है। राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी यूजीसी की ओर से इस राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा का आयोजन करती है। वर्तमान में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड भी 2018 से यूजीसी नेट परीक्षा आयोजित कर रहा है। हाल के दिनों में यूजीसी द्वारा नेट परीक्षा साल में दो बार आयोजित की जाती है। यह दिसंबर और जून के महीने में ऑनलाइन आयोजित किया जाता है।












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