Gorakhpur: जानिए एक रिक्शा मरम्मत करने वाला शख्स कैसे बना वैज्ञानिक,कर दिए 30 से अधिक आविष्कार
जी हां,हम बात कर रहे है गोरखपुर के बशारतपुर,रामजानकी नगर के ग्राम चकसा हुसैन के रहने वाले गंगा राम चौहान की।गंगा राम चौहान का जीवन संघर्षो भरा रहा।आर्थिक तंगी का सामना करते हुए उन्होंने रोजी-रोटी के लिए रिक्शा व साइकिल म
गोरखपुर,22 अगस्त: कहते हैं कि प्रतिभा किसी की मोहताज नहीं होती। कोई भी बाधा प्रतिभा को आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती हैं। जरूरत है अपने अंदर छुपे प्रतिभा को पहचानने की और उसे निखारने की। हम आज एक ऐसे ही शख्स के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिसने तमाम संसाधनों के अभाव,तमाम समस्याओं के बाद भी अपने जुनून को एक मुकाम दिया और रिक्शा व साइकिल मरम्मत करने के काम के साथ किसान हित में तीस से अधिक कृषि यंत्रों का आविष्कार कर दिया। आज केंद्र व प्रदेश सरकार उनके विचारों को देश हित में लगा रही है। उनके आविष्कार पेटेंट होने जा रहे हैं।आज उनकी पहचान एक सफल वैज्ञानिक के रुप में है।उनके सराहनीय कार्यों के लिए केंद्र व प्रदेश सरकार ने उन्हें कई सम्मानों से सम्मानित भी किया है।

विपरीत परिस्थितियों में नहीं हारी हिम्मत जी हां,हम बात कर रहे है गोरखपुर के बशारतपुर,रामजानकी नगर के ग्राम चकसा हुसैन के रहने वाले गंगा राम चौहान की।गंगा राम चौहान का जीवन संघर्षो भरा रहा।आर्थिक तंगी का सामना करते हुए उन्होंने रोजी-रोटी के लिए रिक्शा व साइकिल मरम्मत का काम शुरु किया। दस-पंद्रह सालों तक यह कार्य किया।यह काम करते-करते रामप्रीत के मन में कुछ ऐसे यंत्र बनाने की बात दिमाग में आई जो किसानों को राहत दे।फिर क्या था वह लग गए अपने मिशन में और धीरे-धीरे कई वर्षों की अथक परिश्रम के बाद उन्होंने बोझा ढ़ोने वाली मशीन का आविष्कार किया।फिर क्या था इसके बाद उन्होंने एक से बढ़कर एक कृषि यंत्रों का आविष्कार किया।
अद्भुत है साइकिल चालित आटा चक्की
अभी कुछ समय पहले ही गंगाराम ने साइकिल चालित आटा चक्की का आविष्कार किया है।यह आटा चक्की लोगों को पसंद भी आ रही है और इसकी अच्छी डिमांड भी है।जल्द ही सरकार इस पर सब्सिडी देने की तैयारी है।इस आटा चक्की की सबसे बड़ी विशेषता यह है किै इसे एक बच्चा भी चला सकता है।कोई भी आसानी से चला सकता है।इसकी धीमी गति से पिसाई के कारण आटे की पौष्टिकता बनी रहती है।स्वास्थ्य उत्तम रहता है।
तलनुमा खेती के लिए कर चुके हैं डिजाइन तैयार
गंगाराम बताते हैं कि जनसंख्या तेजी के साथ बढ़ रही है।जमीन की कमी होती जा रही है।ऐसे में मैंने भारत सरकार को ऐसी योजना डिजाइन करके दी है जिससे तलनुमा खेती की जा सकेगी और कम जमनी में अधिक से अधिक उत्पादन किया जा सकेगा।
केंन्द्र व प्रदेश सरकार से हैं सम्मानित
गंगाराम को प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 25 अक्टूबर 2018 राज्य कृषि वैज्ञानिक सम्मान से सम्मानित किया था।इसके साथ ही वह भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान द्वारा प्रगतीशील किसान का सम्मान भी प्राप्त कर चुके हैं।
गंगाराम वर्तमान समय में निति आयोग के अटल इनोवेश मिशन से जुड़े हुए है और सरकार को नए-नए विचार देते हैं जो देश हित,समाज हित व किसान हित में उपयोगी सिद्ध होती है।












Click it and Unblock the Notifications