Atal Bihari Vajpayee: जब भाई की बारात में सहबाला बन गोरखपुर आए थे अटल बिहारी वाजपेयी, ऐसे हुई थी मेहमाननवाजी
Atal Bihari Vajpayee Death Anniversary: आज पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की पुण्यतिथि है। तीन बार देश के प्रधानमंत्री रह चुके अटल बिहारी वाजपेयी का गोरखपुर से खास रिश्ता है। उनका यहां अक्सर आना-जाना लगा रहता था। इतना ही नहीं यहां इनकी खास मेहमाननवाजी भी होती थी। आइए जानते हैं पूर्व प्रधानमंत्री का गोरखपुर से क्या खास रिश्ता था और यहां से उनकी क्या यादें जुड़ी हुईं थीं-
बड़े भाई की थी ससुराल अटल जी के बड़े भाई प्रेम बाजपेयी का विवाह गोरखपुर में हुआ था। अटल जी को भी भाई की ससुराल में दामाद का पूरा सम्मान मिलता था। आव भगत भी खूब होती थी।

जब सहबाला बन आए थे गोरखपुर अटल बिहारी वाजपेयी के बड़े भाई प्रेम वाजपेयी का विवाह गोरखपुर के चरण लाल चौक चौराहा के पास मथुरा प्रसाद दीक्षित के घर हुआ था। दीक्षित की पांच पुत्रियां व दो पुत्र थे। इसी में रामेश्वरी नाम की पुत्री से प्रेम वाजपेयी का विवाह हुआ था। इस विवाह में शामिल होने वह पहली बार 1940 में सहबाला के रुप में गोरखपुर आए थे।
हुई खूब आव भगत जब अटल जी यहां सहबाला के रुप में पहुंचे थे उस दौरान उनकी खूब आव भगत हुई थी। बिल्कुल दामाद की तरह उनकी एक- एक सुख सुविधा का ध्यान रखा जा रहा था। उनकी मनपसंद कढ़ी चावल, हरी मटर, खीर उन्हे विशेष रुप से दी जाती थी।
ससुराल जाने का बहाना ढूंढ लेते थे अटल जी को भी ससुराल आना बेहद पसंद था। वह यहां आने का कोई न कोई बहाना जरुर ढूंढ लेते थे। उनका यहां कई बार आना हुआ। यहां के हर छोटे बड़े कार्यक्रम में वह शामिल हुआ करते थे।
प्रधानमंत्री बनने के बाद एक बार आए थे यहां अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री बनने के बाद एक बार गोरखपुर दौरे पर थे। उन्होंने व्यस्तता के बाद भी ससुराल जाने का समय निकाला था।












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