India-Britain: भारत को ब्रिटेन का साथ,गोरखपुर में स्थापित होगा बायो सीएनजी प्लांट
सहजनवां के सुथनी में लगने वाले इस बायो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस प्लांट की स्थापना की तैयारियों में नगर निगम जुट गया है। इससे नगर निगम को हर साल 56 लाख रुपये की तो आय होगी ।
Gorakhpur CNG Plant News: वर्तमान समय में भारत और ब्रिटेन के अच्छे रिश्तों की झलक साफ देखने को मिल रही है। इसका सकारात्मक असर उद्योग व व्यापार पर पड़ रहा है। हाल ही में भारत और ब्रिटेन ने उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में बायो सीएनजी प्लांट लगाने का करार किया है,जिसमें ब्रिटेन सहयोग के रुप में भारत को 150 करोड़ रुपये देगा। सहजनवां के सुथनी में लगने वाले इस बायो कंप्रेस्ड नेचुरल गैस प्लांट की स्थापना की तैयारियों में नगर निगम जुट गया है। इससे नगर निगम को हर साल 56 लाख रुपये की तो आय होगी । इस प्लांट से रोजाना दो सौ टन गीले कूड़े से सात हजार किलोग्राम बायो सीएनजी और 35 टन जैविक खाद तैयार होगी।

प्लांट लगाने की तैयारी
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि प्लांट लगाने की तैयारी की जा रही है। प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड पर प्लांट की स्थापना की जाएगी। नगर निगम को सिर्फ जमीन देनी है। उन्होंने कहा कि
प्लांट लगने से पर्यावरण प्रदूषण में भी कमी आएगी।
कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन होगा कम हर साल तकरीबन 50 हजार टन कार्बन डाई आक्साइड का उत्सर्जन कम होगा। मेसर्स एवर एन्वायरो रिसोर्स मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड में ग्रीन ग्रोथ इक्विटी फंड (जीजीईएफ) की एक सहायक कंपनी है। इसमें नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर एंड इंवेस्टमेंट फंड भारत सरकार और फारेन कामनवेल्थ एंड डेवलपमेंट आफिस (एफसीडीओ) ब्रिटिश सरकार का 50-50 प्रतिशत निवेश है।
18 महीने में होगा तैयार यह प्लांट लगभग 18 महीने में तैयार होगा। साथ ही दो सौ से अधिक लोगों को रोजगार उपलब्ध होगा। वाहन, वाणिज्यिक और औद्योगिक ईंधन के रूप में बायो सीएनजी का उत्पादन विदेश की निर्भरता को कम करेगा। साथ ही तरल जैविक खाद से मिट्टी की उर्वरा शक्ति बढ़ेगी, इससे पैदावार बढ़ेगा। गीले कूड़े का निस्तारण होगा।












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