PFI Updates : गोरखपुर जोन के PFI संदिग्धों पर NIA और ATS की पैनी नजर
पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े संदिग्धों की तलाश तेजी से की जा रही है।इसके लिए लगातार कई दिनों से छापेमारी की जा रही है।गोरखपुर व बस्ती जोन में भी संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।कुशीनगर,संतकबीरनगर व सिद्ध
गोरखपुर,30सितंबर: पीएफआई यानी पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया से जुड़े संदिग्धों की तलाश तेजी से की जा रही है।इसके लिए लगातार कई दिनों से छापेमारी की जा रही है।गोरखपुर व बस्ती जोन में भी संदिग्धों की गिरफ्तारी हो चुकी है।कुशीनगर,संतकबीरनगर व सिद्धार्थनगर से पीएफआई के संदिग्ध गिरफ्तार हो चुके हैं।अभी कई ऐसे संदिग्ध हैं जिनकी तलाश की जा रही है।इसके लिए एटीएस और एनआईए की पैनी नजर इन क्षेत्रों में है जल्द ही कुछ और लोगों की गिरफ्तारी हो सकती है।

गोरखपुर व बस्ती जोन से कुल पांच संदिग्धों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।जिसमें कुशीनगर से दो,संतकबीर नगर से एक व सिद्धार्थनगर से दो संदिग्ध गिरफ्तार किए जा चुके हैं।कुछ और जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।दोनों मंडल के जिले नेपाल से सटे हुए हैं।ऐसे में विदेशी लिंक होने व टेरर फंडिंग की गतिविधि तेज होने के कारण सुरक्षा एजेंसियां चौकन्ना हैं।
टेरर लिंक के पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही गृह मंत्रालय ने पीएफआई पर प्रतिबंध लगा दिया है। गृह मंत्रालय के मुताबिक, पीएफआई और उससे जुड़े सभी सहयोगी संगठनों पर पांच साल के लिए त्वरित प्रभाव से प्रतिबंध लगा दिया गया है। बताया जा रहा है कि प्रतिबंधित संगठन सिमी और जेएमबी से पीएफआई के लिंक मिले थे, जिसके बाद यह कार्रवाई हुई है।
2006 में अस्तित्व में आया था यह संगठन
पीएफआई का गठन 2006 में किया गया था और वह भारत में हाशिये पर मौजूद वर्गों के सशक्तिकरण के लिए नव सामाजिक आंदोलन चलाने का दावा करता है। हालांकि, कानून प्रवर्तन एजेंसी का दावा है कि पीएफआई कट्टर इस्लाम का प्रसार कर रहा है। इस संगठन का गठन केरल में किया गया था और इसका मुख्यालय दिल्ली में है। पीएफआई के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई के बाद उस पर देशभर में प्रतिबंध लगने की संभावना पहले ही थी।












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