शिक्षा ग्रहण करने के साथ देश की संस्कृति, मूल्य और परंपराओं से भी जुड़े युवा- कुलाधिपति
Gorakhpur News: उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने सोमवार को दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में आयोजित 42वें दीक्षांत समारोह में सोमवार को बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुईं। दीक्षांत समारोह में कुलाधिपति द्वारा शैक्षणिक सत्र 2022-23 के स्नातक के मेधावियों को कुल 32 स्वर्ण पदक प्रदान किये गए। इस दौरान राज्यपाल ने शिक्षक व छात्राओं से खास अपील भी की। विशिष्ट अतिथि उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी भी शामिल हुईं।
मुख्य कार्यक्रम की शुरुआत विद्वत पदयात्रा से हुई। विद्वत पदयात्रा में महामहिम, विशिष्ठ अतिथि, कुलपति, कार्य परिषद के सदस्य तथा आचार्यगण शामिल हुए। राष्ट्रीय गीत गायन के पश्चात महामहिम कुलाधिपति ने जल संचयन कर जल संरक्षण का संदेश समाज को दिया। हरित फल देकर कुलपति ने महामहिम कुलाधिपति तथा विशिष्ठ अतिथि का स्वागत किया।

अपने उद्बोधन में कुलाधिपति ने उपाधि और पदक प्राप्त करने वाले सभी विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि आज सभी युवा हमारे भारत के मार्गदर्शक हैं। आप राष्ट्र की गौरवशाली यात्रा के आशा की किरण है। इतिहास के प्रत्येक काल खंड में समाज के सशक्तिकरण में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन सदा युवा शक्ति करती रही है। युवाओं की सक्रियता और समर्पण का प्रभाव भारत के लोकतंत्र के सशक्तिकरण में भी रहा है। युवा शक्ति के रूप में हमारी बेटियां भी हर क्षेत्र में बुलंदियों छू रही है। नारी शक्ति ने हमेशा राष्ट्र शक्ति को जागृत किया है।
उन्होंने कहा कि आजादी के अमृत काल में हमारी बेटियां नए-नए पराक्रम दिख रही हैं। भारत का मिशन चंद्रयान नारी शक्ति का उदाहरण है। इस पूरे मिशन से अनेक महिला साइंटिस्ट और इंजीनियर ने सीधे तौर पर जुड़ी रही। लखनऊ यूनिवर्सिटी की दो बेटियां चंद्रयान-3 में काम कर रही हैं यह शक्ति इधर भी है इसे पहचानो। आज की अर्थव्यवस्था तीव्र गति से बढ़ रही है। भारत विश्व की शीर्ष पांच अर्थव्यवस्था में शामिल है। मेरा आप सभी छात्रों से आग्रह है आप शिक्षा और ज्ञान प्राप्त करने पर ध्यान देने के साथ ही देश की संस्कृति और मूल्य और परंपराओं से भी जुड़े रहें। आपके मूल्य ना केवल दुनिया के लिए आपकी पहचान है बल्कि, यह आपके माता-पिता के शिक्षकों और देश की पहचान है। इसलिए आप सब को चरित्र निर्माण ध्यान देना चाहिए।
मैं शिक्षकों से कहना चाहूंगी कि अध्यापक और विद्यार्थियों के बीच संवाद बहुत आवश्यक है, जिससे हर समस्या का समाधान किया जा सकता है।
कुलाधिपति ने कहा कि गोरखपुर विश्वविद्यालय ने NAAC मूल्यांकन के 3.78 सीजीपीए के साथ ए डबल प्लस ग्रेड प्राप्त करके देश का सम्मान बढ़ाया है। इस मूल्यांकन के बाद पहली बार परिसर में मेरा आगमन हुआ है अतः ए प्लस प्लस ग्रेड के लिए विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों, पुरातन छात्र-छात्राओं के साथ ही विश्वविद्यालय के कुलपति तथा पूर्व कुलपति को भी हार्दिक बधाई देती हूं। ए डबल प्लस ग्रेड होने के बाद संतोष नहीं करना है, अभी आपको और आगे जाना है क्योंकि आज की जो युवा पीढ़ी है। उत्तर प्रदेश की सभी यूनिवर्सिटी एनआईआरएफ रैंकिंग के लिए तैयारी कर रही हैं। इसी तरह क्यूएस रैंकिंग के लिए, एशिया रैंकिंग के लिए, वर्ल्ड रैंकिंग के लिए भी हमें प्रयास करना है । आप जहां भी जाए एमओयू साइन करें और उनके साथ मिलकर चर्चा करें यह नई-नई सिलेबस और रोजगारपरक कोर्सेस को शामिल करे।












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