UP Nikay Chunav: बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा में 'हारी' BJP, सपा के राशिद ने इतने मतों से दर्ज कराई जीत
UP Nikay Chunav: भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा में भाजपा को हार का स्वाद चखना पड़ा है। यहां से सपा ने जीत दर्ज कराई है।

UP Nikay Chunav: महिला पहलवानों के कथित यौन शोषण के आरोपों में घिरे भाजपा सांसद और भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ गोंडा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) को हार का स्वाद चखना पड़ा है। यहां नगर पालिक परिष की अध्यक्ष सीट पर समाजवादी पार्टी ने कब्जा जमा लिया।
गोंडा नगर पालिका अध्यक्ष पद पर समाजवादी पार्टी के उमजा राशिद ने 18 हजार 805 वोटों से जीत दर्ज कराई है। वहीं, नवाबगंज नगर पालिका परिषद से निर्दलीय डॉ. सतेंद्र सिंह जीते हैं। गोंडा जिले का नाम सामने आते ही सियासी गलियारों में बृज भूषण शरण सिंह का नाम लोगों की जुबां पर आ जाता है।
बृजभूषण शरण सिंह गोंडा की कैसरगंज लोकसभा सीट से सांसद हैं और इसे उनका सियासी गढ़ भी कहा जाता है। इस लिहाज से यहां के नतीजों पर सबकी नजरें टिकी हुई थीं। हालांकि, बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ में भाजपा को निराशा हाथ लगी है।
बीजेपी ने बृजभूषण शरण सिंह के गढ़ से पूर्व विधायक तुलसीदास रायचंदानी की बहू लक्ष्मी रायचंदानी को मैदान में उतारा था, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ गया है। यहां से समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार उजमा राशिद ने जीत दर्ज कराई है।
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सपा के उमजा रशिद ने 3439 वोटों से भाजपा प्रत्याशी लक्ष्मी रायचंदानी को हरा दिया। वहीं नवाबगंज नगर पालिका परिषद से निर्दलीय डॉ सतेंद्र सिंह जीत गए हैं। आपको बता दें, यूपी में हुए नगर निकाय चुनाव में बीजेपी को बंपर जीत मिली है। बीजेपी ने प्रदेश की लगभग सभी अहम सीटों पर जीत हासिल की है।
अगर बात मेयर के पद के लिए हुए चुनाव की करें तो 17 सीटों पर भाजपा का झंडा लहरा रहा है। वहीं, 199 नगर पालिका और 544 नगर पंचायतों में बीजेपी ने अच्छा प्रदर्शन किया है। हालांकि, नगर पंचायतों की सीटों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बीजेपी अच्छी खासी टक्कर दी है और 189 पर समेट दिया।
जबकि, 222 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवार ने जीत दर्ज कराई है। 2017 के मुकाबले बीजेपी ने डबल सीटों पर जीत हासिल की है। इस साल जीत का आंकड़ा दोगुणा से भी अधिक है। योगी ने कहा कि नगर पंचायतें पिछले 5 साल के दौरान कई बनाई गई हैं।












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