Gonda Police Encounter: पुलिस ने एक लाख के इनामी बदमाश सोनू पासी को एनकाउंटर में मार गिराया, दर्ज थे 48 केस
Gonda Police Encounter: गोंडा ज़िले की पुलिस ने सोमवार देर रात बड़ी कामयाबी हासिल की। उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में हुए पुलिस एनकाउंटर में एक लाख का इनामी बदमाश सोनू पासी उर्फ भुर्रे को मार गिराया गया। इस अपराधी की तलाश लंबे समय से की जा रही थी, जो आखिरकार पुलिस के शिकंजे में आ गया।
पुलिस के मुताबिक, भुर्रे के खिलाफ हत्या, लूट और चोरी जैसे कुल 48 संगीन मुकदमे दर्ज थे। यह अपराधी गोंडा ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों में भी आतंक का पर्याय बन चुका था। उसकी गिरफ्तारी या मौत के लिए पुलिस ने एक लाख का इनाम घोषित कर रखा था।

सोमवार की रात जैसे ही पुलिस को भुर्रे की लोकेशन मिली, एसओजी और स्थानीय थानों की टीम ने संयुक्त ऑपरेशन चलाया। सोनौली के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाश ने पुलिस टीम पर गोलियां चला दीं, लेकिन जवाबी कार्रवाई में वह खुद गोली लगने से घायल हो गया।
पुलिस की बुलेटप्रूफ जैकेट ने बचाई जान
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने जानकारी दी कि एनकाउंटर के दौरान भुर्रे ने उमरी बेगमगंज थाने के प्रभारी पर फायरिंग की थी। गोली उनकी बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी, जिससे उनकी जान बच गई। जवाबी गोलीबारी में सोनू पासी गंभीर रूप से घायल हुआ और बाद में अस्पताल में उसे मृत घोषित कर दिया गया।
घटनास्थल से पुलिस ने एक अवैध पिस्टल, तमंचा और बिना नंबर की बाइक बरामद की है। इससे साफ है कि भुर्रे किसी बड़ी वारदात की फिराक में था। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच शुरू कर दी गई है।
अप्रैल की वारदात में था वांटेड
भुर्रे अप्रैल में उमरी बेगमगंज क्षेत्र में हुई एक सनसनीखेज हत्या में वांटेड था। 24 अप्रैल की रात बदमाशों ने धन्नीपुरवा डिक्सिर निवासी देवीदीन के घर धावा बोला था। लूट की कोशिश के दौरान जब देवीदीन जागा, तो उसे गोली मार दी गई। अस्पताल में उसकी मौत हो गई थी।
इस मामले में पहले ही पुलिस ने मई के दूसरे हफ्ते में तीन आरोपियों-बृजेश उर्फ छोटू पासी, पल्लू पासी और नानमुन्ना लोध-को गिरफ्तार कर लिया था। तभी से भुर्रे फरार था और उसकी तलाश में पुलिस की कई टीमें लगी थीं।
अन्य जिलों में भी बना रखा था खौफ
सोनू पासी उर्फ भुर्रे का आपराधिक नेटवर्क गोंडा के बाहर भी फैला हुआ था। कई अन्य जिलों में उस पर केस दर्ज थे। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लंबे समय से दबिश दे रही थी, लेकिन हर बार वह बच निकलता था।
उसकी मौत से स्थानीय लोगों में राहत का माहौल है, क्योंकि भुर्रे की वजह से आम लोग भी डर के साए में जी रहे थे। पुलिस का कहना है कि अब इस केस से जुड़े बाकी पहलुओं की जांच की जा रही है। एसपी गोंडा ने बताया कि भुर्रे की मौत से अपराध की दुनिया में एक बड़ा नाम खत्म हुआ है। उनका कहना है कि पुलिस अब बाकी वांछित अपराधियों की तलाश भी तेज़ी से कर रही है।












Click it and Unblock the Notifications