Goa: गोवा में सरकारी नौकरी के नाम पर बड़ा घोटाला, सैकड़ों लोग ठगी के शिकार, ईडी ने शिकायतकर्ताओं के लिए बयान
Goa: गोवा में सरकारी नौकरी दिलाने के झूठे वादे के नाम पर ठगी का एक बड़ा घोटाला सामने आया है। जिसमें सैकड़ों लोग अपनी जीवनभर की बचत गंवा बैठे। प्रवर्तन निदेशालय ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है और धन शोधन निवारण अधिनियम के तहत प्रभावित लोगों के बयान दर्ज किए हैं। इसके अलावा गोवा पुलिस ने उत्तर और दक्षिण गोवा में फैले इस घोटाले के तहत अब तक 33 से अधिक मामले दर्ज किए हैं।
कैसे हुआ घोटाले का खुलासा
यह घोटाला सबसे पहले तब उजागर हुआ जब ओल्ड गोवा निवासी पूजा नाइक पर लोगों को सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगने का आरोप लगा। इसके बाद दीपाश्री गवास, प्रिया यादव, सुनीता शशिकांत पावस्कर, श्रुति प्रभुगांवकर और उमा पाटिल समेत अन्य आरोपी भी जांच के दायरे में आए। गोवा पुलिस ने अब तक 21 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। जिन्होंने बिचोलिम, बारदेज़, तिस्वाड़ी, पोंडा, मोरमुगाओ और कैनाकोना जैसे तालुकाओं में अपना जाल फैलाया हुआ था।

कैसे फंसाए गए लोग
आरोपियों ने विभिन्न सरकारी विभागों जैसे सार्वजनिक कार्य, जल संसाधन, शिक्षा, परिवहन और स्वास्थ्य में नौकरी दिलाने का वादा किया। इसके चलते करीब 300 से अधिक लोग ठगी के शिकार हुए। आरोप है कि ठगी से जुटाई गई रकम का इस्तेमाल आलीशान जीवन जीने, महंगी कारों और गहनों की खरीदारी में किया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि पीड़ितों में से कई आरोपी के परिचित या रिश्तेदार थे। जिन्हें सरकारी पद का झूठा वादा देकर ठगा गया।
सरकार और पुलिस की प्रतिक्रिया
इस घोटाले के खुलासे के बाद मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने कड़ी चेतावनी जारी करते हुए कहा कि इस घोटाले में शामिल किसी भी राजनेता या सरकारी कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा। हालांकि पुलिस अभी तक किसी संगठित गिरोह या राजनीतिक साठगांठ का सबूत नहीं जुटा पाई है।
पुलिस ने औसतन प्रतिदिन एक मामला दर्ज किया है। जो इस घोटाले की गंभीरता को दर्शाता है। ईडी की सक्रियता से यह साफ है कि घोटाले की गहराई तक जाने और दोषियों को सजा दिलाने के लिए गंभीर कदम उठाए जा रहे हैं।
ईडी की जांच और आगे की प्रक्रिया
ईडी द्वारा शुरू की गई प्रवर्तन मामले की सूचना रिपोर्ट से घोटाले की तह तक जाने की उम्मीद है। महिलाओं के खिलाफ दर्ज मामलों ने भी इस घोटाले की जांच को और जटिल बना दिया है। गोवा पुलिस जिम्मेदार व्यक्तियों को न्याय के कटघरे में लाने के लिए सतत प्रयास कर रही है।
गोवा का यह नौकरी घोटाला न केवल भ्रष्टाचार बल्कि शोषण की बढ़ती प्रवृत्ति को भी उजागर करता है। लोगों को सरकारी नौकरी के झूठे वादे के जरिए ठगकर उनकी मेहनत की कमाई छीन ली गई। इस घटना ने गोवा के आम नागरिकों के विश्वास को झकझोर दिया है। ईडी और गोवा पुलिस की सक्रियता ने उम्मीद जगाई है कि दोषियों को सजा मिलेगी और पीड़ितों को न्याय मिलेगा।












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