Ghaziabad nagar nigam: तीन-तीन पार्टियों के गठबंधन से लड़ीं सपा की पूनम यादव BJP से कितने वोटों से हारीं
समाजवादी पार्टी, आरएलडी और आजाद समाज पार्टी के गठबंधन के साथ गाजियाबाद मेयर पद पर पूनम यादव चुनावी मैदान में उतरीं थी। आइए जानते है कि बीजेपी से कितने वोटों से हारीं।

Ghaziabad nagar nigam: यूपी नगर निगम चुनाव के नतीजे सामने आ गए हैं और गाजियाबाद से मेयर पद की दावे दार भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सुनीता दयाल काफी अच्छा प्रदर्शन किया है। बीजेपी की सुनीता दयाल ने अच्छा प्रदर्शन करते हुए गाजियाबाद मेयर पद पर जीत हासिल की है।
वहीं, पूनम यादव, समाजवादी पार्टी (SP), राष्ट्रीय लोकदल (RLD) और आजाद समाज पार्टी के गठंबधन साथ चुनावी मैदान में उतरी थी। हालांकि, उन्हें तीन-तीन पार्टियों के गठबंधन से चुनाव लड़ने का कोई ज्यादा फायदा नहीं मिल सका। सपा गठबंधन प्रत्याशी पूनम यादव चौथे स्थान पर रही।
सपा गठबंधन प्रत्याशी पूनम यादव को महज 57608 वोट मिले सके। वहीं, भारतीय जनता पार्टी (BJP) की उम्मीदवार सुनीता दयाल को 350905 वोट मिले है। बीजेपी की सुनीता दयाल ने सपा गठबंधन प्रत्याशी पूनम यादव को 293,297 मतों के भारी अंतर से हरा दिया
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वहीं, बसपा की प्रत्याशी निसारा खान 63249 वोट पाकर दूसरे नंबर पर रही और कांग्रेस की पुष्पा रावत 58951 वोटों के साथ तीसरे नंबर पर रहीं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, बीजेपी की मेयर प्रत्याशी सुनीता दयाल ने पहले ही राउंड से बढ़त बनानी शुरू कर दी थी।
बता दें कि 37 राउंड में पूरी हुई मतगणना के दौरान सुनीता दयाल किसी भी राउंड में पीछे नहीं रहीं। खास बात यह है कि बीजेपी की सुनीता दयाल को छोड़कर बाकी प्रत्याशी अपनी जमानत तक नहीं बचा सके।
बसपा की प्रत्याशी निसारा खान, कांग्रेस की पुष्पा रावत, सपा-गठबंधन की प्रत्याशी पूनम यादव, आम आदमी पार्टी की प्रत्याशी जानकी जगत बिष्ट समेत अन्य सभी 11 प्रत्याशियों की जमानत तक जब्त हो गई। जमानत राशि बचाने के लिए उन्हें इस चुनाव में हुए मतदान का 1/5 हिस्सा वोटों की जरूरत थी।
हालांकि, 11 प्रत्याशी इस आंकड़े को छू तक नहीं पाए। बता दें कि समाजवादी पार्टी ने गाजियाबाद महापौर पद के लिए घोषित प्रत्याशी नीलम गर्ग का टिकट काट कर पूनम यादव को चुनाव मैदान में उतारा था। हालांकि, पूनम यादव को मैदान में उतारने का सपा गठबंधन को कोई खास फायदा नहीं हुआ।
पूनम यादव, बीएसपी छोड़कर आए सिकंदर यादव की पत्नी हैं। सिकंदर यादव कारोबार औऱ समाजसेवी के साथ-साथ नेता भी है। वो हाल ही में बीएसपी का दामन छोड़कर सपा की साइकिल पर सवार हुए हैं। सिकंदर यादव साल 2012 में निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर महापौर का चुनाव लड़ चुके है।
उस वक्त भी उन्हें हार का सामने करना पड़ा था। सिकंदर को उस समय 25 हजार मत मिले थे। उस समय बीजेपी के तेलूराम कंबोज चुनाव जीते थे। आपको बता दें कि राजनीति में सुनीता दयाल पुरानी खिलाड़ी हैं और उन्होंने राजनीति में एंट्री एबीवीपी का दामन थाम कर की थी।
वर्तमान में बीजेपी की प्रदेश (यूपी) उपाध्यक्ष हैं और साल 2004 में बीजेपी के टिकट पर सुनीता ने विधानसभा उपचुनाव लड़ा था। उस वक्त समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुरेंद्र कुमार मुन्नी से पराजित हो गईं थीं। इस दौरान उनपर हमला भी हुआ था।












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