गुजरात सरकार दे रही बच्चों को 1 मुर्गा और 10 मुर्गियां, ताकि इनके अंडे खाकर वे सेहमतंद हों

गांधीनगर. गुजरात में कुपोषण से जूझ रहे लाखों बच्चे के​ लिए सरकार की ओर से खास पहल शुरू की गई है। यहां मुर्गा-मुर्गी पालन पर जोर दिया जा रहा है। पायलट प्रोजेक्ट के तहत यह पहल की गई है कि, बच्चों के लिए 1 मुर्गा और 10 मुर्गियां दी जाएंगी, ताकि उनके अंडे खाकर बच्चे सेहमतंद हों। सरकार, अब हर तहसील में 33 अतिकुपोषित बच्चों को योजना के लिए चुन रही है। अभी 5 तहसीलें इस पायलट प्रोजेक्ट के दायरे में हैं।

Poultry production at gujarat to fight malnutrition, Govt provides one cock and 10 hen to children

दाहोद पशुपालन विभाग के अधिकारी केएल गोसाई के मुताबिक, कुुपोषण से लड़ने के लिए ही सरकार ने मुर्गा-मुर्गी पालन पर जोर दिया है। अपनी पायलट प्रोजेक्ट की पहल के तहत हर तहसील में अतिकुपोषित बच्चों को इस योजना का लाभ पहुंचाया जाएगा। मालूम हो कि, वर्ष 2018 के दिसंबर महीने में आई एक रिपोर्ट के अनुसार, राज्य में 1.96 लाख से अधिक कुपोषित बच्चे पाये गए थे। इस तरह के बच्चों की सबसे अधिक संख्या मुख्य रूप से आदिवासी जिलों दाहोद और नर्मदा में हैं।

Poultry production at gujarat to fight malnutrition, Govt provides one cock and 10 hen to children

गुजरात सरकार द्वारा राज्य में 53,000 आंगनवाड़ियों के माध्यम से शुद्ध औऱ गुणवत्तायुक्त भोजन प्रदान करने का दावा किया जाता रहा है। राज्य सरकार ने यह कहा भी कि यहां 33 जिलों में 1,96,660 कुपोषित बच्चे हैं। सरकार के आरोग्य विभाग के अधिकारी ने कहा कि सबसे अधिक कुपोषित 42,488 बच्चे दाहोद जिले में हैं। नर्मदा में 14,722 बच्चे कुपोषित हैं। इसके अलावा पोरबंदर (709) और बोटाद (938) में सबसे कम कुपोषित बच्चे मिले हैं।

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