भाजपा के 'मिशन 26' में सेंध लगा सकती हैं सौराष्ट्र की ये सीटें, कांग्रेस ने बना लिया है ऐसा व्यूह
Gujarat News, राजकोट। विगत लोकसभा चुनाव में गुजरात की सभी 26 सीटें फतह करने वाली भाजपा इस बार भी सभी सीटों पर जीत का दावा कर रही है। हालांकि, भौगोलिक व राजनीति के जानकार कहते हैं इस बार की लड़ाई काफी अलग है। भाजपा के लिए 2019 में मिशन-26 आसान नहीं। मिशन-26 में सौराष्ट्र की लोकसभा सीटें परेशानी का सबब बन सकती हैं। यहां अमरेली, सुरेन्द्रनगर, जूनागढ समेत 8 सीटों पर कांग्रेसी हाईकमान अपनी जीत का दावा कर रही है।

गुजरात की आधी से ज्यादा सीटों पर कांग्रेस ने रचा व्यहू
कांग्रेस प्रधानमंत्री मोदी के गढ़ गुजरात में आधी से ज्यादा सीटें कब्जाने की दिशा में सक्रिय है। बीते महीनों में हुए 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव परिणाम से कार्यकर्ता उत्साहित बताए जा रहे हैं।गुजरात के पिछले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस ने बढ़त हासिल की थी, जिसके चलते भाजपा 99 सीटों पर ही जीत पाई। सौराष्ट्र में सुरेन्द्रनगर, जूनागढ़ और अमरेली की 7-7 सीटों में से जूनागढ़ की सभी 7, सुरेन्द्रनगर की 6 और अमरेली की 5 सीटों पर कांग्रेस जीती। इसका सीधा असर लोकसभा चुनाव पर पड़ने की संभावना है।
3 सीटों पर वोटरों का मिजाज विधानसभा चुनाव जैसा रहा
सौराष्ट्र की तीनों सीट के प्रत्याशियों की बात करें तो अमरेली में भाजपा ने सांसद नारण काछड़िया की ही रिपीट किया। वहीं कांग्रेस ने विधायक परेश धानाणी को मैदान में उतारा है। जिसके नेतृत्व में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का प्रदर्शन काफी अच्छा रहा था। अगर, यहां मतदाताओं का मिजाज पिछले विधानसभा चुनावों जैसा रहा तो कांग्रेस की राह खुली हुई है

सुरेन्द्रनगर में भाजपा और जीत की दूरी बढ़ने के आसार
सुरेन्द्रनगर में भाजपा द्वारा नवोदित डो. महेन्द्र मुंजपरा को मौका दिया गया। जिसके चलते पूर्व सांसद देवजी फतेपरा नाराज हैं। कांग्रेस द्वारा यहां पर सोमाभाई गांडाभाई पटेल को कमान सौंपी गई है। जो कि, इस क्षेत्र के मतदाताओं पर काफी अच्छा प्रभाव रखते हैं। ऐसे में अगर नाराज फतेपरा कांग्रेस से जुड़ जाते हैं तो भाजपा और जीत के बीच दूरी और ज्यादा बढ़ने की संभावना है।
जूनागढ़ में भी कांग्रेस का पलड़ा भारी
जूनागढ़ में कांग्रेस ने अपने विधायक पुंजाभाई वंश को मैदान में उतारा है। जिसके सामने भाजपा द्वारा राजेश चुडासमा को उतारा गया है। पिछले विधानसभा चुनावों में इस क्षेत्र में भाजपा का सफाया हो गया था। हालांकि, जवाहर चावड़ा के भाजपा में जुड़ने से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। लेकिन उनके पक्ष बदले के बाद मतदाता कितना समर्थन करेंगे यह कहना मुश्किल है। ऐसे में यहां भी कांग्रेस का पलड़ा भारी दिखाई दे रहा है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी खुद करने वाले हैं चुनावी प्रचार
बता दें कि, सौराष्ट्र की इन तीन सीटों के साथ गुजरात की महेसाणा, साबरकांठा, बनासकांठा, आणद और पाटण की सीटों पर भी पिछले विधानसभा चुनावमें कोंग्रेस का प्रदर्शन अच्छा रहा था। जिसके चलते 10 अप्रैल को खुद प्रधानमंत्री मोदी आणद में प्रचार करने जा रहे हैं। आने वाले समय में सौराष्ट्र की इन तीनों सीटों पर भी उनके द्वारा प्रचार किए जाने की पूरी संभावना है। क्योंकि वो भी जानते हैं कि, यह सीटें भाजपा के मिशन 26 में सेंध डाल सकती हैं।












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