• search
गांधीनगर न्यूज़ के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  

10वीं तक पढ़े कौन हैं मोहन कुंडारिया, जिन्हें सत्ताधारी भाजपा ने गुजरात से दुबारा चुनाव में उतारा है

|

Gujarat News in Hindi, राजकोट। लोकसभा चुनाव-2019 के लिए भाजपा ने जिन उम्मीदवारों की घोषणा की है, उनमें एक नाम गुजरात से मोहन कुंडारिया भी हैं। मोहन कुंडारिया को राजकोट सीट से रिपीट किया गया है, यानी वह लगातार दूसरी बार अपनी पुरानी सीट से चुनाव लड़ने जा रहे हैं। ऐसे में यहां जान लीजिए, आखिर भाजपा ने उन्हें दुबारा मौका क्यों दिया होगा और उनका राजनीतिक सफर कैसा रहा।

मोरबी में हुआ जन्म, संसद में 93% हाजिरी रही

मोरबी में हुआ जन्म, संसद में 93% हाजिरी रही

मोहन कुंडारिया का जन्म 6 सितम्बर 1951में मोरबी के नीची मांडल गांव में हुआ था। 10वीं कक्षा तक पढ़े कुंडारिया 5 बार विधायक रह चुके हैं। 1998 से 2001 तक बीज निगम के चेयरमेन का कार्यभार भी उनके पास रहा। 18 मई 2014 वह बतौर भाजपा सांसद चुनाव जीते।अब तक संसद में उनकी न सिर्फ 93% की उपस्थिति रही, बल्कि उन्होंने 16 डिबेट में भाग लेकर 246 प्रश्न भी पूछे।

सांसद के तौर पर क्या किया मोहन कुंडारिया ने?

सांसद के तौर पर क्या किया मोहन कुंडारिया ने?

वर्ष 2014 में मोदी की अगुवाई में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ने वाले कुंडारिया लगभग ढाई लाख मतों से विजयी हुए थे। अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने लोक-कल्याण के कामों में ग्रांट से 25 करोड़ रुपये खर्च किए। साथ ही राजकोट को ऐम्स, इंटरनेशनल एयरपोर्ट समेत विशेष रेल सुविधाएं भी दिलाईं है। अपने क्षेत्र के किसान, पानी, कामदार और ग्राहक से जुड़े प्रश्नों को उन्होंने सदन तक पहुंचाया।

कहां चूके और या फिर असफल रहे?

कहां चूके और या फिर असफल रहे?

मोहन कुंडारिया किसानों को समय पर पाक-बीमा देने में असफल रहे। जिसके चलते यहां के किसानों में उनके प्रति नाराजगी है। अगर इस बार चुनाव में मुद्दों की लड़ाई होती है, तो ऐसे में यह बात उनके लिए काफी नुकसान साबित हो सकती है। हालांकि, विपक्ष द्वारा उनके विरुद्ध कौन-सा उम्मीदवार खड़ा किया जाता है, उसके ऊपर भी नजर रखनी जरूरी है।

कुंडारिया को कहां से मिल सकती है मदद?

कुंडारिया को कहां से मिल सकती है मदद?

राजकोट लोकसभा सीट पर पाटीदारों का प्रभुत्व होने के कारण कांग्रेस द्वारा पाटीदार उम्मीदवार उतारना लगभग तय है। ऐसे में पाटीदार मतों का ध्रुवीकरण होगा। लेकिन यहां भाजपा के ओबीसी कार्ड से कुंडारिया को बड़ी मदद मिलेगी। हाल ही में कांग्रेस छोड़ भाजपा से जुड़े कैबिनेट मंत्री कुंवरजी बावलिया इस मामले में कुंडारिया के लिए तारणहार बन सकते हैं। वैसे राजकोट को भाजपा का गढ़ माना जाता है। ऐसे में कुंडारिया का इस सीट पर पर भाजपा का दबदबा बताया जा रहा है।

कांग्रेस किसे उतार सकती है कुंडारिया के सामने?

कांग्रेस किसे उतार सकती है कुंडारिया के सामने?

हाल ही जसदन के चुनावों में मिली हार के बाद कांग्रेस आने वाले लोकसभा चुनावों को लेकर फूंक-फूंक कर कदम रख रही है। सूत्रों की माने तो कांग्रेस खोदलधाम प्रमुख नरेश पटेल के बेटे शिवराज को कुंडारिया के सामने मैदान में उतारने वाली है। अगर ऐसा हुआ तो कुंडारिया की मुश्किलें काफी हद तक बढ़ सकती है। शिवराज के अलावा भी कांग्रेस के पास ललित कगथरा जैसा दिग्गज नेता मौजूद हैं। वह भी कुंडारिया के सामने मजबूत स्थिति में होंगे।

'जिन लोगों पर बैंकों का कर्ज है उन्हें चुनाव नहीं लड़ने दिया जाए', गुजरात में इलेक्शन कमीशन से बैंकर्स की गुहार

राजकोट लोकसभा सीट को जानें

राजकोट लोकसभा क्षेत्र में 7 विधानसभा सीटें शामिल हैं। जिसमें राजकोट पूर्व, राजकोट पश्चिम, राजकोट ग्रामीण, राजकोट, दक्षिण, जसदण, पदधरी-टंकरा और वांकानेर का समावेश होता है। इन 7 विधानसभा सीटों में से 5 पर भाजपा का कब्जा है, जबकि पदधरी-टंकारा और वांकानेर सीट पर कांग्रेस का शासन है। राजकोट सीट के कुल वोटर्स की संख्या 18,65,710 है। जिसमें 5,50,000 पाटीदार, 3,00,000 कोली, 1,10,000 दलित और 1 लाख से ज्यादा क्षत्रिय समाज के वोटर हैं।

देवजी के समर्थन में रेशमा प​टेल बोलीं- भाजपा में तानाशाही है, इसलिए लोगों का काम करने वालों को टिकट नहीं दिया जाता

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
lok sabha elections 2019: Profile of BJP MP Mohan Kundariya
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X