गुजरात में इन 4 सीटों पर कांग्रेस-भाजपा के बीच जोरदार मुकाबला, 13 सीटों पर सत्ताधारी दल मजबूत
Gujarat News, गांधीनगर। गुजरात में लोकसभा की 26 सीटों पर 300 से ज्यादा उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। सत्ताधारी भाजपा की प्रदेश इकाई को लगता है कि यहां इस बार 13 सीटें उसके लिए सुरक्षित हैं। 2014 में तो भाजपा सभी सीटों पर जीती थी, अब यदि 13 सीटों पर उसका दावा सही तो इसका मतलब हुआ कि इन सीटों पर भाजपा की जीत आसान है। हालांकि, लेकिन चार सीटें ऐसी हैं, जहां उसका मुख्य विरोधी पार्टी कांग्रेस के साथ सीधा मुकाबला है। ऐसा माना जा रहा है कि सूबे में 9 सीटों पर कांग्रेस की पकड़ मजबूत है, वो इसलिए क्योंकि विधानसभा चुनावों के दौरान उसका प्रदर्शन इन इलाकों में अच्छा रहा था।

विग विधानसभा चुनावों में कांग्रेस के पक्ष में मतदान प्रतिशत और सीटों में वृद्धि हुई थी। खासकर सौराष्ट्र और उत्तर गुजरात में भाजपा के उम्मीदवारों की हार हुई। अगर विधानसभा की इन सीटों पर लोकसभा क्षेत्र में कांग्रेस को मिले वोटों का विश्लेषण किया जाए, तो जामनगर, दाहोद, भरूचऔर बारडोली लोकसभा सीटों में भाजपा की जीत का अंतर बहुत कम है, मतलब भाजपा के उम्मीदवार कम मार्जिन से जीते। इन चारों सीटों पर बीजेपी उम्मीदवारों की सीधी लड़ाई कांग्रेस के उम्मीदवारों के सामने है।
राज्य के 91 विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में भाजपा की जीत इतनी अधिक है, जहां कांग्रेस के जीतने की संभावना नहीं है। इन विधानसभा क्षेत्रों में अहमदाबाद-पूर्व, अहमदाबाद-पश्चिम, गांधीनगर, सूरत, वडोदरा, भावनगर, छोटा उदयपुर, नवसारी, खेड़ा, पंचमहल, वलसाड, कच्छ और राजकोट लोकसभा क्षेत्र आते हैं।

इसी तरह, कांग्रेस को विधानसभा की 63 सीटों पर अच्छा मार्जिन मिला है। इन सीटों पर लोकसभा की नौं सीटों का क्षेत्र आता है। कांग्रेस के लिए जिन सीटों पर जीत हासिल की जा सकती है उनमें पोरबंदर, जूनागढ़, आणंद, अमरेली, बनासकांठा, पाटन, मेहसाणा, सुरेंद्रनगर और साबरकांठा शामिल हैं। इस लोकसभा सीट पर कांग्रेस के विधायकों की संख्या और वोट शेयर अधिक है।
इसका मतलब है कि विधानसभा में दोनों पार्टी विधायकों को मिले वोट के तुलना करने के बाद ऐसी छवि आती है कि, गुजरात की 26 लोकसभा सीटों में से 13 सीटों पर भाजपा के उम्मीदवारों के लिये जीत आसान है। 9 सीटों पर कांग्रेस के उम्मीदवारों की जीत आसान है और चार सीटें सीधे मुकाबले में है, जहां भाजपा का सीधा मुकाबला कांग्रेस से हो रहा है।

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हालांकि, दोनों दलों के खडे किये उम्मीदवार, पार्टी के स्टार प्रचारकों द्वारा किया जा रहा चुनावी प्रचार और गुजरात में नरेंद्र मोदी का मैजिक व स्थानीय मुद्दों पर ध्यान दिया जाए परिणाम भाजपा के पक्ष में भी आ सकता है। कांग्रेस को राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में वोट मिल सकते हैं, लेकिन शहरी क्षेत्रों में भाजपा का दबदबा कायम है, इसलिये कांग्रेस को लोकसभा में ज्यादा नुकसान होने की संभावनाएं है। कांग्रेस के कई उम्मीदवार चुनाव हार भी सकते हैं।












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