बाढ़ से जूझ रहे वडोदरा के अंदर अब तक 35 मगरमच्छ पकड़े गए, लोग बाहर निकलने से डर रहे

वडोदरा। गुजरात में 31 जुलाई से हुई भारी बारिश की वजह से वडोदरा शहर जलमग्न हो गया था। यहां विश्वामित्री नदी में बाढ़ आ गई थी और आबाद क्षेत्र में पानी ही पानी नजर आने लगा था। इसी पानी में विश्वामित्री नदी से मगरमच्छ भी आबाद क्षेत्र में घुस आए थे। वन विभाग एवं पुलिस द्वारा अब तक बहुत से मगरमच्छों को पकड़ा गया है। वडोदरा क्षेत्र के वनाधिकारी निधि दवे के मुताबिक, 8 अगस्त तक ही 22 मगरमच्छ बचा लिए गए। बाद में कई इलाकों से कम से कम 13 और मगरमच्छ पकड़े गए। कुछ इलाकों में रेस्क्यू ऑपरेशन अभी भी चल रहे हैं।

टीमें मगरमच्छों को पकड़ने में जुटी

टीमें मगरमच्छों को पकड़ने में जुटी

अधिकारी ने यह भी बताया कि वन विभाग के अलावा, वन्यजीव और पशु कल्याण के क्षेत्र में काम करने वाले गैर सरकारी संगठनों के स्वयंसेवक और एनडीआरएफ की टीमें मगरमच्छों को पकड़ने के काम में जुटी हुई हैं।'

लोगों के लिए बड़ी आफत बन गए वे

लोगों के लिए बड़ी आफत बन गए वे

इससे पहले जब आधे से ज्यादा शहर पानी की चपेट में था और कई जगह छतों तक भर गया था। गले तक मुसीबत के इस माहौल में उससे भी बड़ी आफत लोगों के लिए मगरमच्छ बन गए थे। मगरमच्छों द्वारा इंसानों एवं पालतू पशुओं पर हमला किए जाने के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगे।

लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे

लोग घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे

वहीं, शहर में मगरमच्छ देख-देखकर लोगों के मन में डर इस कदर बैठ गया है कि वे घरों से बाहर निकलने में भी डर रहे हैं। इन घटनाओं से उबरने के लिए लोगों को मनोचिकित्सक की सलाह लेनी पड़ रही है। एक डॉक्टर राकेश जड़ेजा ने बताया कि ऐसी घटनाओं का असर लोगों के दिमाग पर हुआ है। जिसे हम 'मगर फोबिया' कह सकते हैं।

वडोदरा के कुछ ही हिस्सों में जलभराव

वडोदरा के कुछ ही हिस्सों में जलभराव

बहरहाल मगरमच्छ द्वारा किसी इंसान को कुतरने या काट लेने की घटना सामने नहीं आई है। हालांकि, डर की वजह से लोग मनोचिकित्सकों की शरण में हैं।

31 जुलाई को आई बाढ़ के बाद मगरमच्छ पनपे

31 जुलाई को आई बाढ़ के बाद मगरमच्छ पनपे

31 जुलाई को आई बाढ़ के बाद शहर में मगरमच्छ दिखने शुरू हुए। अब वडोदरा के कुछ ही हिस्सों में जलभराव है, बाकी जगहों पर पानी की निकासी कराई जा चुकी है।

6 टीमों का गठन किया गया

6 टीमों का गठन किया गया

वन सहायक संरक्षक विनोद दामोर के मुताबिक, मगरमच्छों को पकड़ने के लिए 6 टीमों का गठन किया गया। गैर सरकारी संगठनों के स्वयंसेवक और एनडीआरएफ की टीमें भी लगी हुई हैं।

विश्वामित्री नदी में हैं 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ

विश्वामित्री नदी में हैं 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ

विश्वामित्री नदी में 10 फीट तक लंबे मगरमच्छ पाए जाते हैं, लेकिन हमने अभी तक जो पकड़े उसमें ज्यादातर पांच फुट से भी कम थे। हालांकि, एनडीआरएफ की एक टीम ने 10 फीट लंबा मगर पकड़ा है।

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