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World Wildlife Day: जीवों एवं वनस्पतियों की 8400 प्रजातियां संकटग्रस्त, 30,000 लुप्त होने की कगार पर

साल 2023 में विश्व वन्यजीव दिवस मनाने के लिए 'वन्यजीव संरक्षण के लिए साझेदारी' की थीम को चुना गया है। प्रतिवर्ष नई थीम की घोषणा संयुक्त राष्ट्र की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से की जाती है।

world wildlife day 2023 8400 species of flora and fauna are endangered

World Wildlife Day: हर साल 3 मार्च को वन्यजीवों और वनस्पतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने के लिए विश्व वन्यजीव दिवस मनाया जाता है। बता दें कि दुनियाभर से लुप्त हो रहे वन्य जीवों और जंगली फल-फूलों के अंतरराष्ट्रीय ट्रेड को प्रतिबंधित करने के लिए 3 मार्च 1973 को संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) ने प्रस्ताव पर हस्ताक्षर किए थे। तब से सीआईटीईएस यानी CITES यह सुनिश्चित करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है कि अंतरराष्ट्रीय व्यापार से वन्य प्रजातियों के अस्तित्व को खतरा न हो।

20 दिसंबर 2013 को संयुक्त राष्ट्र महासभा ने अपने 68वें सत्र में 3 मार्च को विश्व वन्यजीव दिवस घोषित किया था। 3 मार्च 2014 को पहला विश्व वन्यजीव दिवस मनाया गया था। उस समय इसे थाईलैंड की ओर से विश्व के वन्य जीवों और वनस्पतियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने और मनाने के लिए प्रस्तावित किया गया था। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि साल 1872 में वन्यजीवों को विलुप्त होने से रोकने के लिए सबसे पहले जंगली हाथी संरक्षण अधिनियम पारित किया गया था।

विलुप्त हो रहे जीव एवं वनस्पतियां

इंटरनेशनल यूनियन फॉर कंजर्वेशन ऑफ नेचर रेड लिस्ट के आंकड़ों के अनुसार, जंगली जीवों और वनस्पतियों की 8,400 से अधिक प्रजातियां गंभीर रूप से संकटग्रस्त हैं। जबकि 30,000 से अधिक लुप्त होने की कगार पर हैं। वहीं इस समय दुनियाभर में करीब दस लाख से अधिक प्रजातियों के विलुप्त होने का खतरा बना हुआ है।

दुनिया में हर जगह लोग भोजन से लेकर कपड़ों, ईंधन, दवाओं और आवास तक यानी सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए वन्य जीवन और जैव विविधता-आधारित संसाधनों पर निर्भर हैं। यानी हर कोई कुदरत पर निर्भर है। ऐसे में अगर वन्य जीव लुप्त होंगे तो आने वाले समय में इंसानों पर बड़ा खतरा मंडरा सकता है। इसलिए वन्य जीवों के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए वन्यजीव दिवस मनाया जाता है।

भारत में भी विलुप्त हो रही प्रजातियां

भारत में भी विलुप्त हो रही प्रजातियों को बचाने के लिए सरकार द्वारा कई राज्यों में नेशनल पार्क बनाए गए हैं। भारत में कुल मिलाकर 104 राष्ट्रीय उद्यान, 551 वन्यजीव अभयारण्य, 131 समुद्री संरक्षित क्षेत्र, 18 बायोस्फीयर रिजर्व, 88 संरक्षण रिजर्व और 127 सामुदायिक रिजर्व हैं।

भारत का सबसे पुराना नेशनल पार्क कॉर्बेट नेशनल पार्क है जो 1936 में उत्तराखंड में बनाया गया था। वहीं भारत सरकार की आधिकारिक वेबसाइट india.gov.in के मुताबिक सरकार ने वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम 1972 को देश के वन्यजीवों को सुरक्षा प्रदान करने एवं अवैध शिकार, तस्करी और अवैध व्यापार को नियंत्रित करने के उद्देश्य से लागू किया था। जनवरी 2003 में अधिनियम में संशोधन किया गया था और सजा और अधिनियम के तहत अपराधों के लिए जुर्माना और अधिक कठोर बना दिया है। जनवरी 2003 में इस अधिनियम में संशोधन किया गया था और इसके तहत अपराधों के लिए जुर्माने और सजा को अधिक कठोर बना दिया गया है। मंत्रालय ने इस कानून को मजबूती देने के लिए और अधिक कठोर उपायों को इसमें शामिल कर इसमें संशोधन करने का प्रस्ताव दिया है।

यह है 2023 की थीम

इस वर्ष विश्व वन्यजीव दिवस की थीम 'वन्यजीव संरक्षण के लिए साझेदारी' निर्धारित की गई है। ये थीम सरकार एवं लोगों द्वारा प्रकृति संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों को सराहने के लिए है। साथ ही इस दिन 2 विषयों पर प्रकाश डाला जाएगा। जिसमें समुद्री जीवन और महासागर व व्यवसाय और फाइनेंस दो विषय सम्मिलित हैं। इस साल 2023 का बजट पेश करते समय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 'अमृत धरोहर' योजना के जरिए जलीय जैव विविधता की बात की है। indiabudget.gov.in के अनुसार 2023-24 में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय का बजट 3079.40 करोड़ रखा गया है जो पिछले बजट से 24 प्रतिशत ज़्यादा है। वर्ष 2022-23 में यह बजट 2478 करोड़ था।

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